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बालोद के सियादेवी में पागल कुत्ते का आतंक, 4 साल के मासूम समेत 10 ग्रामीणों को काटा, अस्पताल में वैक्सीन नहीं !

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बालोद: जिले में एक पागल कुत्ते ने आतंक मचा रखा है. मां सियादेवी पर्यटन स्थल से लगे नारागांव और नर्रा में कुत्ते ने एक ही दिन में 10 लोगों को काट लिया. इनमें मासूम बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल है. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत है. वहीं, स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) उपलब्ध न होने के कारण घायलों को दूसरे जिलों में भटकना पड़ा. मामला गुरूर थाना क्षेत्र का है.

​नाती को बचाते वक्त बुजुर्ग महिला भी हुई शिकार: ​जानकारी के मुताबिक, नारागांव निवासी नवल बाई मंडावी (65 वर्ष) का पालतू कुत्ता पिछले 15 दिनों से लापता था. बुधवार सुबह वह अचानक लौटा और नवल बाई के 4 वर्षीय नाती मेहुल मंडावी पर हमला कर दिया. बच्चे को बचाने दौड़ी नवल बाई को भी कुत्ते ने बुरी तरह काट लिया. इसके बाद कुत्ते ने रास्ते में आने वाले अन्य ग्रामीणों योगेश्वरी मंडावी (30 साल), दीपांशु गावड़े (5 साल), पुष्पा साहू (45 साल), बलिन करियाम (28 साल) और शिशुपाल सिंह (48 साल) समेत कुल 10 लोगों को लहूलुहान कर दिया.

​स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली: ​हमले के बाद ग्रामीणों को आनन-फानन में गुरूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं था. स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने 3 घायलों को बालोद जिला अस्पताल और 7 घायलों को धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया. अस्पताल में समय पर टीका न मिलने से परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया.

​गांव में मुनादी, दहशत में ग्रामीण: ​कुत्ते के पागल होने की आशंका के चलते गांव में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई गई है. ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. ग्रामीणों का कहना है कि 15 दिनों तक लापता रहने के दौरान पालतू कुत्ते को किसी और पागल कुत्ते ने काट लिया होगा, जिससे उसका भी व्यवहार हिंसक हो गया. फिलहाल ग्रामीण दहशत में हैं और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं.

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