Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

Bhopal Metro: ऊपर ट्रैफिक, नीचे मेट्रो! सांसद आलोक शर्मा ने पुराने भोपाल के लिए क्यों उठाई अंडरग्राउंड मेट्रो की मांग?

भोपाल: इंदौर के बाद अब भोपाल में भी नए शहर के एक हिस्से के लंबे मार्ग पर मेट्रो को अंडर ग्राउण्ड चलाए जाने की आवाज़ उठी है. भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने नए भोपाल में पड़ने वाले भारत माता चौराहे से लेकर लिली टॉकीज चौराहे तक अंडरग्राउण्ड मेट्रो का मुद्दा उठाया. उनका कहना है कि यहां मेट्रो के कई स्टेशन बन रहे हैं. लेकिन इससे भविष्य में बढ़ती आबादी के साथ पार्किग की बहुत बड़ी समस्या हो जाएगी.

उधर मेट्रो कार्पोरेशन का कहना है कि सांसद अलोक शर्मा ने जो प्रस्ताव रखा है, उस पर यदि शासन से अनुमति मिलती है तो भविष्य में भोपाल में मेट्रो का तीसरा कॉरिडोर बनाया जा सकता है.

भोपाल के इस हिस्से में अंडर ग्राउंड मेट्रो, सांसद, विधायक ने उठाया मुद्दा

भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल के व्यस्ततम रंगमहल से राजभवन जाने वाली रोड को लेकर कहा कि भोपाल मेट्रो के कई स्टेशन बन रहे हैं. लेकिन इससे सबसे बड़ी दिक्कत है कि इसकी वजह से भविष्य में यहां पार्किंग की बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी. सड़क यातायात समिति की बैठक में सांसद ने भोपाल मेट्रो रेल के अधिकारियों को फोन लगाया. उनसे कहा गया कि भारत माता चौराहे से लेकर लिली टाकीज चौराहे तक अंडरग्राउंड मेट्रो का प्रस्ताव उन्होने दिया.

बैठक में ही आलोक शर्मा ने भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक भगवान दास सबनानी से फोन पर चर्चा की. सांसद ने उनकी प्रतिक्रिया जानना चाहो तो उन्होंने कहा कि राज भवन, न्यू मार्केट, मुख्यमंत्री निवास और लालपरेड ग्राउंड सहित पूरा वीआईपी जोन इससे प्रभावित होगा. लिहाजा इस पूरे क्षेत्र को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अंडरग्राउंड मेट्रो ही बनना चाहिए.

शासन से अनुमति मिली तो बनाया जा सकता है तीसरा कॉरीडोर

मध्य प्रदेश मेट्रो कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक कृष्णा चैतन्य ने बताया कि वर्तमान में रत्नागिरी से भदभदा तक मेट्रो के एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है. पिलर भी बनाने शुरू हो गए हैं, ऐसे में इसे निरस्त नहीं किया जा सकता है. हालांकि सांसद अलोक शर्मा ने जो प्रस्ताव रखा है, उस पर यदि शासन से अनुमति मिलती है तो भविष्य में भोपाल में मेट्रो का तीसरा कॉरिडोर बनाया जा सकता है.

37 लेफ्ट टर्न पर निर्माण 200 बिजली के पोल की शिफ्टिंग का रिव्यू

भोपाल में आज हुई सड़क यातायात समिति की इस बैठक में शहर के 16 ब्लैक स्पॉट, 37 लेफ्ट टर्न और 200 बिजली के पोल, डीपी की शिफ्टिंग को लेकर समीक्षा की गई. यातायात, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अधिकारियों ने शहर के एक-एक चौराहे की प्रगति रिपोर्ट का प्रेजेंटेशन दिया और चल रही कार्रवाई से अवगत कराया. जिसमें बताया गया कि 11 ब्लैक स्पॉट और 27 लेफ्ट टर्न पर निर्माण के लिए एजेंसी अनुबंध और टेंडर से संबंधित प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

सड़क यातायात समिति की ये चौथी बैठक थी. सांसद शर्मा ने अधिकारियों को अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने को कहा है. कहा कि अगली बैठक में पीडब्ल्यूडी के ईएनसी, एनएचएआई, सड़क यातायात के वरिष्ठ अधिकारी और रोड सेफ्टी के एक्सपर्ट भी मीटिंग में उपस्थित रहें, जिससे निर्णय लेने में आ रही बाधाओं को दूर करने में आसानी होगी.

इंदौर में भूल सुधार अंडर ग्राउण्ड मेट्रो पर 800 करोड़ का एक्स्ट्रा खर्च

भोपाल से पहले इंदौर में खजराना स्क्वायर से रेल्वे स्टेशन के बीच का करीब तीन किलोमीटर से ज्यादा का हिस्सा है, जहां पर अंडरग्राउण्ड मेट्रो का निर्णय बाद में लिया गया. नगरीय प्रशासन विभाग की बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ये मंजूर किया था कि शहर की सड़क के बीच में से मेट्रो का रास्ता बनाने का फैसला गलत था. उन्होंने कहा कि आगे इस रोड से मेट्रो अंडरग्राउण्ड ही जाए. हांलाकि इस वजह से करीब 800 करोड़ का एक्स्ट्रा खर्च बढ़ गया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.