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सोनमर्ग: PM मोदी ने किया जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन, CM उमर अब्दुल्ला भी रहे साथ, भारत के लिए साबित होगी मील का पत्थर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 13 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के गांदेरबल जिले के सोनमर्ग में जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन किया है. सामरिक रूप से इस सुरंग को काफी अहम माना जा रहा है. पीएम के दौरे को देखते हुए जेड-मोड़ सुरंग के पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई. संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई. महत्वपूर्ण चौराहों पर दर्जनों चौकियां स्थापित की गईं, ताकि राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर नकेल कसी जा सके. एसपीजी की टीम भी मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला. जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ भारत के लिए भी यह सुरंग कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण होने वाला है.

श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2400 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-मोड़ सुरंग पूरे साल सड़क मार्ग से लद्दाख आवागमन की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. इस सुरंग को बनाने का काम मई 2015 में शुरू हुआ था और पिछले साल इसका निर्माण पूरा हुआ है. इस सुरंग को लद्दाख में देश की रक्षा जरूरतों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह सुरंग केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख को देश के बाकी हिस्से से भी जोड़ती है.

गगनगीर और सोनमर्ग के बीच लगातार बना रहेगा संपर्क

इस सुरंग के शुरू हो जाने के बाद गगनगीर और सोनमर्ग के बीच निर्बाध रूप से संपर्क सुनिश्चित होगा और गर्मियों में लद्दाख की यात्रा भी पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी. जेड-मोड़ सुरंग 8,650 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह दो-लेन वाली सड़क सुरंग है. इसके अलावा इसमें आपात स्थिति के लिए बचने के लिए समानांतर 7.5 मीटर चौड़ा रास्ता भी बनाया गया है.

पीएम मोदी के दौरे को लेकर कई लेयर की सुरक्षा व्यवस्था है. जम्मू-कश्मीर पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना के जवानों ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है. इसके अलावा कार्यक्रम को देखते हुए आसपास के इलाके में तलाशी और गश्त भी की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं. कार्यक्रम वाले और अन्य संवेदनशील स्थानों पर शार्प शूटर की भी तैनाती की गई है. ड्रोन सहित हवाई और तकनीकी निगरानी भी की जा रही है. इलाके पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है.

सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम

कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम इसलिए भी किए जा रहे हैं क्योंकि पिछले साल 20 अक्टूबर को गगनगीर में सुरंग के पास एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था. इसमें एक स्थानीय डॉक्टर समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी. इसलिए सेना के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह से एक्टिव मोड में हैं और जमीन से लेकर आकाश तक से नजर बनाए हुए हैं.

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