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लालू यादव के परिवार की अजब लीला…ताड़ी पर जीतन राम मांझी ने तेजस्वी पर साधा निशाना

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बिहार में ताड़ी पर प्रतिबंध हटाने को लेकर राज्य में सियासत तेज हो गई है. ताड़ी पर बयानबाजी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव के परिवार की अजब लीला है, पहले तेजस्वी यादव ताड़ी पर प्रतिबंध लगाते हैं और अब उसको हटवाने का ढोंग रच रहे हैं.

दरअसल जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि तेजस्वी यादव जब सरकार में उपमुख्यमंत्री थे तो ताड़ी पर प्रतिबंध लगाकर लाखों ताड़ के पेड़ को कटवा दिया. बेगुनाह पासी समाज के लोगों पर ज़ुल्म करवाया गया. वहीं अब जब चुनाव का समय आ गया तो कंधे पर लबनी बांधकर कह रहे हैं कि ताड़ी पर से प्रतिबंध हटाएंगे. जब प्रतिबंध हटाना ही था तो लगवाया क्यों? बताईए ना जी.

ताड़ी प्राकृतिक उत्पाद: चिराग पासवान

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि ताड़ी एक ‘प्राकृतिक उत्पाद’ है और इसे शराब की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए. बिहार में शराब प्रतिबंधित है. चिराग पासवान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के उस वादे पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें तेजस्वी यादव ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) आगामी विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में आती है तो ताड़ी पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया जाएगा.

ताड़ी को शराब नहीं माना जाना चाहिए

चिराग पासवान ने कहा कि मैंने कई बार कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी के तौर पर मेरी पार्टी राज्य में सरकार का समर्थन कर रही है, लेकिन वह यहां शासन का हिस्सा नहीं है. मैं निश्चित रूप से मानता हूं कि ताड़ी एक प्राकृतिक उत्पाद है और इसे शराब नहीं माना जाना चाहिए. ताड़ी का व्यवसाय राज्य में परंपरागत रूप से पासवान समुदाय से जुड़ा रहा है.

ताड़ी पर क्या बोले तेजस्वी यादव?

तेजस्वी यादव ने पटना में रविवार को पासी समुदाय के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि शराबबंदी कानून ने उस समुदाय को प्रभावित किया है, जिसकी आजीविका का एकमात्र साधन ताड़ी निकालना था.ताड़ी पर प्रतिबंध हटाने का वादा करते हुए यादव ने कहा कि पासी समुदाय पीढ़ियों से यह काम करता आ रहा है और उनके पास आजीविका कमाने के लिए कोई अन्य कौशल या कृषि भूमि नहीं है.

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