गृह मंत्रालय ने जेलों में बढ़ते कट्टरपंथ को गंभीर चुनौती मानते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. भेजे गए लेटर में कैदियों की समय-समय पर निगरानी उनके संदिग्ध गतिविधियों में शामिल और जोखिम वाले व्यक्तियों की ज्यादा निगरानी पर जोर दिया गया है. इस लेटर में जेल के अंदर मौजूद सामाजिक अलगाव, निगरानी की कमी से कट्टरपंथ बढ़ने का खतरा, कुछ मामलों में कैदियों के जेल के कर्मचारियों या अन्य कैदियों पर हमला करने की योजना को बढ़ावा मिलने का जिक्र किया गया है.
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