चातुर्मास निवास के लिए मुंबई पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदी-मराठी के बवाल पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह मुंबई में रहकर मराठी भाषा सीखेंगे और वह तभी अपने धाम से वापस जाएंगे जब वह मराठी में बातचीत करना शुरू कर देंगे. शंकराचार्य अगले दो महीने तक मुंबई के कोरा केंद्र परिसर में रहेंगे. उन्होंने बताया कि रविवार से उन्होंने मराठी भाषा सीखना शुरू भी कर दिया है.
एक तरफ तो मराठी भाषा पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की कट्टरता देखने के बाद पूरे देश से मराठी और हिंदी भाषा पर बड़ी बहस छिड़ गई है. ऐसे में शंकराचार्य ने अपनी इस पहल से कुछ अलग ही मैसेज दिया है. शंकराचार्य ने कहा कि ‘अब मैं मराठी सीखकर मराठी में बातचीत शुरू करूंगा और तब ही अपने धाम लौटूंगा.’
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