कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण जिले के चन्नपट्टना तालुक के होंगानूर गांव के एक डॉक्टर एचएम वेंकटप्पा ने अपने माता-पिता की याद में अपने स्वयं के कण्व फाउंडेशन के माध्यम से उस सरकारी स्कूल को एक नया रूप दिया है, जहां उन्होंने पढ़ाई की थी. इस स्कूल का नाम है श्रीमती चन्नम्मा मंचेगौड़ा कर्नाटक पब्लिक स्कूल. इस स्कूल की नई बिल्डिंग बनाई गई है. इसको नया और हाईटेक रूप देने में 14 करोड़ रुपये की लागत आई है.
अब इस स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए आसपास के गांवों के कई अभिभावकों में होड़ लग गई है. इस वर्ष ग्रीष्मावकाश समाप्त होते-होते, पुरानी जर्जर इमारतों को गिराकर कक्षाएं नई इमारत में ट्रांसफर कर दी गई हैं. दो अलग-अलग इमारतों वाले इस उच्च तकनीक वाले स्कूल की क्षमता 1,500 छात्रों की है. यहां एलकेजी से लेकर द्वितीय पीयूसी तक एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था है. आसपास के 12 गांवों के बच्चे यहां पढ़ रहे हैं.
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