ओडिशा के पुरी में 15 साल की लड़की को कथित तौर पर जिंदा जलाने की घटना ने झकझोर कर रख दिया है. दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान लड़की ने दम तोड़ दिया. लड़की की मौत के कुछ घंटों बाद ही ओडिशा पुलिस ने शनिवार को कहा कि अब तक की जांच में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं. पुलिस के इस दावे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है, क्योंकि पीड़िता की मां ने प्राथमिकी (FIR) में आरोप लगाया था कि तीन अज्ञात बदमाशों ने उसकी बेटी का अपहरण कर उसे आग के हवाले कर दिया था.
घटना 19 जुलाई को हुई थी, जब पीड़िता की मां ने पुरी के बलंगा थाने में एफआईआर दर्ज कराई. एफआईआर के अनुसार, उनकी बेटी को तीन अज्ञात लोग किडनैप करके अपने साथ ले गए और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी. गंभीर हालत में लड़की को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एम्स रेफर कर दिया गया. तीन अगस्त को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
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