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ये है शेयर बाजार का रिस्क फैक्टर, इस तरीके से बचा सकते हैं अपनी मेहनत की कमाई!

आजकल बहुत से लोग शेयर बाजार में पैसा लगाने लगे हैं. कोई तो मुनाफा कमाने की उम्मीद में आता है, तो कोई बस दूसरों को देखकर ही निवेश कर देता है. लेकिन एक बात जो कई लोग नजरअंदाज कर देते हैं, वो है “रिस्क” यानी नुकसान का खतरा. शेयर बाजार ऐसा नहीं है कि रोज़ आपको फायदा ही होगा. यहां उतार-चढ़ाव बहुत आम बात है. जिस तरह शेयर की कीमतें ऊपर जाती हैं, वैसे ही कभी भी अचानक नीचे भी गिर सकती हैं. और जब गिरती हैं, तो सीधा असर आपके पैसों पर पड़ता है. मतलब ये कि जितना मुनाफा हो सकता है, उतना ही बड़ा नुकसान भी हो सकता है.

शेयर बाजार में रिस्क फैक्टर क्या होता है?

शेयर बाजार में रिस्क फैक्टर का मतलब होता है कि आपने जो पैसा लगाया है, उसमें कितना नुकसान हो सकता है. बाजार हर दिन ऊपर-नीचे होता रहता है , शेयरों, म्यूचुअल फंड और डेरिवेटिव्स की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं. इन्हीं उतार-चढ़ाव की वजह से आपके लगाए हुए पैसे की वैल्यू कम भी हो सकती है.

अगर बाजार गिरता है, तो आपके निवेश की कीमत भी घट जाती है. यही असली जोखिम होता है शेयर बाजार का. उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए आपने किसी शेयर में ₹1,0000 लगाए. अगर बाजार नीचे चला गया, तो आपकी ये रकम ₹8000, ₹5000 या कभी-कभी ₹3000 तक भी गिर सकती है. ऐसे में अगर आपने बिना सोचे-समझे या रिस्क को जाने बिना पैसा लगा दिया, तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

अलग-अलग जगह लगाइए पैसे

सारा पैसा एक ही शेयर या एक ही सेक्टर में न लगाएं. जैसे दुकान के सारे सामान एक ही थैली में न रखकर अलग-अलग रखते हैं, वैसे ही निवेश को भी बांटकर लगाइए. इससे अगर एक जगह नुकसान होता है, तो दूसरी जगह से कुछ संभल सकता है.

स्टॉप-लॉस लगाकर चलिए

ये एक तरीका है जिससे आप तय कर सकते हैं कि कितने नुकसान के बाद अपने शेयर को बेच देना है. जैसे अगर आपने ₹100 में शेयर खरीदा है और तय किया कि ₹90 से नीचे नहीं जाने देंगे, तो नुकसान ज्यादा नहीं होगा.

सोच-समझकर लीजिए फैसला

शेयर बाजार में कई बार लोग डर या लालच में आकर गलत फैसले ले लेते हैं. अगर किसी ने कहा कि यह शेयर जरूर बढ़ेगा, तो लोग बिना जांचे-परखे पैसे लगा देते हैं. ऐसा करना खतरनाक हो सकता है.

रिसर्च के बाद ही लगाइए पैसा

जिस कंपनी में आप निवेश करना चाहते हैं, उसके बारे में पहले जानकारी लीजिए. कंपनी क्या काम करती है, उसका मुनाफा कितना है, पहले कैसा प्रदर्शन रहा है, ये सब बातें जानना जरूरी है.

दिनभर ट्रेडिंग करने से बचें

कई लोग शेयर बाजार को जुए की तरह खेलने लगते हैं. दिनभर खरीद-बिक्री में लगे रहते हैं. इससे नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है. बेहतर है कि दिन में एक-दो बार ही सोच-समझकर लेन-देन करें. जल्दबाज़ी न करें.

लंबी दूरी की सोच रखें

अगर आप तुरंत मुनाफा कमाने के लिए बाजार में आए हैं, तो सावधान रहें. शेयर बाजार में असली फायदा तब होता है जब आप लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं. वक्त के साथ बाजार संभलता है और नुकसान की भरपाई भी हो सकती है.

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