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सिवनी पुलिस पर 1 करोड़ 45 लाख हड़पने का सनसनीखेज आरोप! CSP पूजा पांडे पर कार्रवाई का प्रस्ताव, नौ पुलिसकर्मी निलंबित

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राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पुलिस विभाग पर एक बड़ा और सनसनीखेज आरोप लगा है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। नागपुर निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि सीएसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) पूजा पांडे और बंडोल थाना पुलिस ने मिलकर उसकी कार से जब्त किए गए 1 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि हड़प ली है।
यह गंभीर शिकायत सामने आते ही जिले में हड़कंप मच गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
तत्काल कार्रवाई: नौ पुलिसकर्मी निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जबलपुर रेंज आईजी (महानिरीक्षक) प्रमोद वर्मा ने तत्काल सख्त कार्रवाई की। उन्होंने इस घटना में शामिल कुल 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम, सीएसपी कार्यालय स्टाफ और बंडोल थाने के अन्य स्टाफ सदस्य शामिल हैं।
इसके साथ ही, सीएसपी पूजा पांडे के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता, जो नागपुर का निवासी है, ने आरोप लगाया है कि उसकी कार से 1 करोड़ 45 लाख की नकदी बरामद की गई थी, लेकिन यह पूरी राशि पुलिस द्वारा जब्त करने के बाद उसे वापस नहीं मिली और इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड भी नहीं बनाया गया। यह आरोप सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों पर नकद राशि के गबन की ओर इशारा करता है। यह घटनाक्रम पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्ति और नकदी के पारदर्शी रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाता है।
जांच की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी को आईजी प्रमोद वर्मा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी जबलपुर एडिशनल एसपी आयुष गुप्ता को सौंपी है। एडिशनल एसपी गुप्ता अब इस बात की जांच करेंगे कि नकदी कब, कैसे और किन परिस्थितियों में बरामद की गई थी, और जब्त राशि का आधिकारिक रिकॉर्ड क्यों नहीं रखा गया।
पुलिस महकमे के इतने वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगे इस आरोप ने जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस की ईमानदारी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि आंतरिक निगरानी और जवाबदेही तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की जांच और सीएसपी पूजा पांडे पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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