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सिवनी में नकली सामानों का जाल त्योहारी बाजार में सेहत पर मंडरा रहा खतरा

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राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी। त्योहारी सीजन की रौनक के बीच सिवनी का बाजार एक गंभीर खतरे से जूझ रहा है—यहाँ नकली और मिलावटी उत्पादों की भरमार हो चुकी है। तेल, मसाले, खोवा, मिठाइयों से लेकर साबुन, टूथपेस्ट, दवाएं, शराब, सिगरेट, और यहां तक कि कृषि बीज व खाद तक—हर क्षेत्र में नकली उत्पादों का खुला खेल चल रहा है।
इन नकली उत्पादों की गुणवत्ता न केवल बेहद घटिया है, बल्कि कई बार ये सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए जहर बन चुके हैं। हैरत की बात यह है कि यह सब प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।
सस्ता सामान महंगा पड़ सकता है!
त्योहारी खरीदारी में अगर आप सिर्फ सस्ता या ब्रांड जैसा दिखने वाला सामान चुनते हैं, तो यह आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
सबसे चिंताजनक बात ये है कि ये सब कुछ प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। लेकिन अब तक न कोई बड़ी कार्रवाई हुई, न ही सख्ती।
राष्ट्र चंडिका ने पड़ताल में पाया कि ग्राहक कुछ आसान तरीकों से नकली सामान की पहचान कर सकते हैं। पढि़ए कैसे

कैसे पहचानें नकली और मिलावटी सामान?
आम ग्राहक के लिए नकली और असली उत्पादों में फर्क करना मुश्किल होता है, लेकिन कुछ बुनियादी सावधानियां बरतकर इस खतरे से काफी हद तक बचा जा सकता है
प्राथमिक सावधानियां जो हर ग्राहक को अपनानी चाहिए-ब्रांड की पैकेजिंग ध्यान से देखें-असली ब्रांड की पैकेजिंग साफ, धारदार प्रिंट और सही लोगो के साथ आती है।नकली उत्पादों में ब्रांड नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी, फीका प्रिंट, और घटिया क्वालिटी की पैकिंग देखी जा सकती है।रूक्रक्क, मैन्युफैक्चरिंग डेट और बैच नंबर की जांच करें
नकली सामानों में अक्सर ये जानकारियाँ अधूरी या अस्पष्ट होती हैं।
क्तक्र कोड या बारकोड स्कैन करने की आदत डालें।
विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदें-ऐसे दुकानदारों से ही सामान खरीदें जो नियमित बिल प्रदान करते हों। सड़क किनारे या अस्थायी दुकानों से त्योहारी सीजन में मिल रहे भारी डिस्काउंट वाले उत्पादों से सावधान रहें।
बिल अवश्य लें
बिल मिलने से ग्राहक को उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने का अधिकार भी मिलता है।
नकली माल की पहचान होने पर शिकायत दर्ज करना आसान हो जाता है।
गंध और स्वाद से पहचान (खाद्य सामग्री में)
मिठाई, खोवा, पनीर जैसे उत्पादों में रंग, गंध और स्वाद से मिलावट का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हल्दी में चॉक पाउडर, दूध में डिटरजेंट, और मिठाइयों में सिंथेटिक रंग जैसी मिलावट आम है।
ब्रांड की वेबसाइट या कस्टमर केयर से जानकारी लें:
संदिग्ध उत्पाद के बारे में कंपनी की वेबसाइट पर जाकर असली/नकली की जानकारी की पुष्टि करें। कुछ ब्रांड टोल-फ्री नंबर पर भी सत्यापन की सुविधा देते हैं।
जागरूकता से ही बचेगी सेहत
सिवनी जैसे छोटे शहरों में ग्राहक जल्दी झांसे में आ जाते हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग त्योहारों में नकली सामान बेचकर लाखों कमा लेते हैं।लेकिन अगर ग्राहक जागरूक हो जाएं, तो इस जाल को तोड़ा जा सकता है।
जागरूकता ही बचाव है
सिवनी जैसे छोटे शहरों में उपभोक्ता जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर नकली सामान बेचने वाले धंधेबाज हर साल करोड़ों का धंधा करते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए केवल प्रशासन की कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी सजग रहना होगा।
प्रशासन से मांग
स्थानीय जागरूक नागरिकों और संगठनों ने मांग की है कि बाजारों में नियमित छापेमारी की जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावट की लैब टेस्टिंग की व्यवस्था हो।दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसका प्रचार भी किया जाए, ताकि डर पैदा हो।
अंत में यही कहा जा सकता है कि त्योहारी खरीदारी में सस्ता और ब्रांडेड दिखने वाला उत्पाद खरीदने की जल्दबाजी न करें। छोटी सी सावधानी, आपके परिवार को मिलावट के जहर से बचा सकती है।

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