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पीएम मोदी और एकनाथ शिंदे की मैराथन बैठक: डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात में क्या तय हुआ महाराष्ट्र का भविष्य?

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उपमुख्यमंत्री शिंदे आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निवास पर पहुंचे और उन्हें दिवाली व नववर्ष की शुभकामनाएं दी. इस मौके पर शिंदे ने मोदी को शाल, पुष्पगुच्छ और संत तुकाराम महाराज की मूर्ति भेंट की. बैठक के दौरान केंद्र और राज्य के अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए के सभी घटक दल विचारों से जुड़े रहें और गठबंधन मजबूती से काम करता रहे. साथ ही उन्होंने शिंदे परिवार को भी दिवाली की शुभकामनाएं दी.इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य और केंद्र के सहयोग तथा आगामी परियोजनाओं की रणनीतियों पर भी बातचीत हुई.

विकास के प्रति गठबंधन की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए शिंदे ने कहा कि महायुति और एनडीए विकास के एजेंडे पर एक साथ हैं. आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे और रणनीति पर अंतिम निर्णय वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिया जाएगा. उन्होंने इन चुनावों को ‘जमीनी स्तर के चुनाव’ कहा. कांग्रेस विधायक रवींद्र धांगेकर और भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल के बीच चल रहे विवाद पर टिप्पणी करते हुए शिंदे ने गठबंधन के भीतर संयम बरतने का आग्रह किया.

मोदी का मिशन कितना का विमोचन

शुक्रवार को राजभवन में ‘मोदी का मिशन’ नामक बधाई ग्रंथ के विमोचन समारोह में बीजेपी नेताओं और पुस्तक के लेखक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की. महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मोदी ईश्वरीय कृपा से प्रधानमंत्री बने. समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विधान परिषद के सभापति राम शिंदे भी मौजूद थे. सभी ने प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों की सराहना में एक-दूसरे को पीछे छोड़ने की कोशिश की.

भगवद् गीता के एक श्लोक, ‘यदा यदा हि धर्मस्य’, जो आवश्यकता पड़ने पर ईश्वरीय हस्तक्षेप की बात करता है, का हवाला देते हुए देवव्रत ने कहा कि नरेंद्र मोदी केवल भारत के प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि एक विचार, एक आध्यात्मिक शक्ति, एक प्रेरणा और राष्ट्र का गौरव हैं. उनके जैसा व्यक्तित्व ईश्वरीय कृपा से ही प्राप्त होता है.

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