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OHE तार पर चढ़ा सांप और हुआ जोरदार धमाका, बाल-बाल बची पूर्णिया स्पेशल ट्रेन

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बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल में सोमवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। झंझारपुर-निर्मली रेलखंड पर कमला नदी पुल के पास ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) में अचानक हुए भीषण शॉर्ट सर्किट और धमाके के कारण आनंद विहार टर्मिनल-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन (05580) को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा। जांच में सामने आया कि हाई-वोल्टेज OHE तार पर एक सांप चढ़ गया था। हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता और रेलवे की सुरक्षा प्रणाली के समय पर सक्रिय होने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के कारण करीब दो घंटे 10 मिनट तक पूरे रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।

OHE तार पर चढ़ा सांप और हुआ जोरदार धमाका

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झंझारपुर और दीप स्टेशन के बीच स्थित कमला नदी पुल संख्या 97A के पास अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि हाई-वोल्टेज OHE तार पर एक सांप चढ़ गया था। जैसे ही वह करंट की चपेट में आया, जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ और OHE का इंसुलेटर जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के चलते पूरे सेक्शन की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद हो गई। करंट लगने से सांप की मौके पर ही मौत हो गई।

इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गई ट्रेन, मची अफरातफरी

बिजली आपूर्ति ठप होते ही ट्रेन का फेल-सेफ ब्रेक सिस्टम खुद सक्रिय हो गया। इसी दौरान लोको पायलट ने भी स्थिति को भांपते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे आनंद विहार टर्मिनल-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन कमला नदी पुल पर चढ़ने से पहले ही सुरक्षित रुक गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रेन पुल के ऊपर पहुंचने के बाद यह तकनीकी खराबी आती, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी। अचानक ट्रेन रुकने और धमाके की सूचना फैलते ही यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। वहीं, आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में रेलवे ट्रैक के किनारे पहुंच गए।

तकनीकी टीम ने 2 घंटे में बहाल की बिजली आपूर्ति

घटना की सूचना मिलते ही समस्तीपुर रेल मंडल की OHE तकनीकी टीम टावर वैगन के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने क्षतिग्रस्त इंसुलेटर और अन्य खराब उपकरणों को बदलने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 1:05 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके बाद ट्रेन संख्या 05580 को पूर्णिया कोर्ट के लिए रवाना किया गया और धीरे-धीरे पूरे रेलखंड पर परिचालन सामान्य हो गया।

हादसे की तकनीकी जांच के आदेश

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा प्रणाली के समय पर काम करने, लोको पायलट की सतर्कता और तकनीकी टीम की त्वरित कार्रवाई की वजह से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शॉर्ट सर्किट के दौरान किन-किन उपकरणों को नुकसान पहुंचा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।

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