Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले कर ली थी शादी
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान रिकवर किए गए मोबाइल डेटा से संकेत मिले हैं कि आरोपी चेतन और सिया ने लगभग चार महीने पहले गुप्त रूप से शादी की थी, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने परिवारों से भी छिपाकर रखी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि केतन की हत्या से पहले और वारदात के बाद पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई से बचने के तरीकों को लेकर सिया पहले से जानकारी जुटा रही थी।
वॉट्सऐप चैट से मिले सीक्रेट शादी के सबूत, पुलिस कर रही वेरिफिकेशन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से रिकवर किए गए वाट्सऐप चैट में शादी से जुड़े कई सबूत मिले हैं। इन्हीं डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस दोनों के रिश्ते, उनकी बातचीत और वारदात से पहले की गतिविधियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। फिलहाल इस कथित विवाह से जुड़े सभी तथ्यों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
हत्या से पहले दोनों आरोपियों ने देखी थीं क्राइम वेब सीरीज़
जांच के दौरान मोबाइल डेटा से यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले दोनों आरोपियों ने अपराध पर आधारित कई वेब सीरीज़ और फिल्में देखी थीं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इनकी ऑनलाइन गतिविधियों और कथित हत्या की योजना के बीच कोई संबंध है। फिलहाल इस पहलू की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच जारी है।
सिया ने इंटरनेट पर खोजी थी पुलिस पूछताछ की प्रक्रिया
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से पहले सिया गोयल ने पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी कई जानकारियां जुटाने का प्रयास किया था। पुलिस के मुताबिक, उसने यह समझने की कोशिश की कि महिला आरोपियों से पूछताछ कैसे की जाती है, पुलिस हिरासत में उनके साथ क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है, पूछताछ के दौरान किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं और गंभीर आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई किस प्रकार आगे बढ़ती है।
सोनम रघुवंशी के बेल केस की भी ली थी जानकारी
पुलिस जांच के अनुसार, सिया ने चर्चित हत्या के एक अन्य मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने से जुड़ी जानकारी भी जुटाने की कोशिश की थी। इसके अलावा उसने यह जानने का प्रयास किया कि महिला आरोपियों को किन परिस्थितियों में राहत मिल सकती है और अदालत में उनके बचाव की प्रक्रिया क्या होती है।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए डिजिटल सबूत
पुणे ग्रामीण पुलिस फिलहाल मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी पूरे मामले की सघन जांच जारी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक व कानूनी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.