Local & National News in Hindi

Noida Engineer Death: नोएडा में बिजली के खंभे से करंट लगने के बाद नाले में गिरे इंजीनियर आर्यन की दर्दनाक मौत

27

उत्तर प्रदेश के नोएडा में प्रशासनिक नाकामी के चलते एक और युवा इंजीनियर की जान चली गई। सेक्टर-58 में बारिश के दौरान हुए एक हादसे में 27 वर्षीय बीटेक इंजीनियर आर्यन की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे में करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आने के बाद आर्यन का संतुलन बिगड़ गया और वह पास के एक खुले नाले में जा गिरा।

🎓 सपनों की अधूरी कहानी

आर्यन मूल रूप से फर्रुखाबाद का रहने वाला था और नोएडा के सेक्टर-22 में रहता था। वह सेक्टर-58 की एक इनवर्टर फैक्ट्री में कार्यरत था। आर्यन के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनके पिता का पहले ही कैंसर से निधन हो चुका था। परिवार उसकी शादी की तैयारी कर रहा था, लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने एक मां के इकलौते सहारे को छीन लिया।

🌧️ कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

गुरुवार सुबह जब आर्यन ऑटो से उतरकर अपनी फैक्ट्री की ओर जा रहा था, तब बारिश के कारण सड़क पर जलभराव था। पानी से बचने के लिए वह किनारे से चल रहा था, तभी वह बिजली के खंभे से निकले करंट की चपेट में आ गया। बिजली आपूर्ति कटने के बाद उसके साथियों ने उसे नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मानसून से पहले खुले नालों और बिजली के खंभों की सुरक्षा के जो दावे किए थे, वे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं।

🚧 अथॉरिटी की नींद और प्रशासनिक लापरवाही

हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी हरकत में आई है और आनन-फानन में खुले नालों पर स्लैब लगाने का काम शुरू किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या किसी की जान जाने के बाद ही प्रशासन की नींद खुलती है? पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और संबंधित विभागों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

⚠️ नोएडा में असुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल

यह पहला मौका नहीं है जब नोएडा में किसी इंजीनियर की नाले में गिरने से मौत हुई है। इससे पहले 16 जनवरी को सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की भी एक निर्माणाधीन गड्ढे में डूबने से जान चली गई थी। बार-बार हो रहे ऐसे हादसे नोएडा के असुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिकारियों की उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। आखिर कब तक इस तरह के हादसों पर लगाम लगेगी?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.