उचाना (हरियाणा): उचाना उपमंडल के गांव सफाखेड़ी में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच किए जाने की गुप्त सूचना पर स्वास्थ्य विभाग कैथल की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर एक महिला को रंगे हाथों काबू किया है।
कार्रवाई के दौरान रमेश नामक मुख्य आरोपी मौका पाकर फरार होने में कामयाब रहा। स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने मौके से भारी मात्रा में अवैध दवाएं और चिकित्सीय उपकरण भी जब्त किए हैं।
🕵️ डिकॉय गर्भवती महिला के जरिए जाल: 95 हजार रुपये में तय हुआ था लिंग जांच का सौदा
स्वास्थ्य विभाग की रणनीति और कार्रवाई का ब्योरा:
-
विशेष टीम का गठन: पीसी-पीएनडीटी (PNDT) के नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय कैथल से सफाखेड़ी गांव में लिंग जांच रैकेट सक्रिय होने का गुप्त इनपुट मिला था। इसके बाद ड्रग कंट्रोल विभाग के साथ मिलकर विशेष टीम बनाई गई।
-
फर्जी ग्राहक (डिकॉय) तैयार: टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय बनाकर आरोपियों के पास भेजा।
-
सौदा और रकम: आरोपियों ने लिंग जांच के लिए कुल 95 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें से 35 हजार रुपये पेशगी (एडवांस) के तौर पर पहले ही ले लिए गए थे, जबकि शेष 60 हजार रुपये जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिए जाने तय हुए थे।
🩺 पोर्टेबल मशीन से पेट पर की गई जांच: पंजाब की रहने वाली है आरोपी महिला
जांच प्रक्रिया और पकड़ी गई महिला की पृष्ठभूमि:
-
गर्भ में लड़का होने का दावा: डिकॉय के बयानों के अनुसार, महिला के पेट पर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड जैसी मशीन लगाकर गर्भस्थ शिशु की जांच की गई और उसे गर्भ में लड़का होने की बात कही गई।
-
मौके पर छापेमारी: संकेत मिलते ही टीम ने दबिश दी। उस समय रमेश नामक व्यक्ति भाग निकला, जबकि अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया को अंजाम दे रही महिला को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया।
-
एमपीएचडब्ल्यू डिप्लोमा धारक: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पकड़ी गई महिला पंजाब की रहने वाली है और उसने एमपीएचडब्ल्यू (MPHW-D) का कोर्स किया हुआ है तथा निजी स्तर पर प्रैक्टिस करती थी।
💊 मौके से संदिग्ध दवाएं बरामद: पुलिस करेगी पूर्व के मामलों की विस्तृत जांच
आगामी विधिक कार्रवाई और अनुसंधान:
-
दवाएं जब्त: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से कई संदिग्ध और प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं, जिन्हें सील कर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया है।
-
पूर्व मामलों की पड़ताल: नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत में लेकर महिला से पूछताछ करेगी ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह द्वारा अब तक कितनी गर्भवती महिलाओं की अवैध लिंग जांच की जा चुकी है और नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं।
⚖️ कन्या भ्रूण हत्या पर सख्त कानून: सूचना देने वाले को ₹1 लाख का इनाम
स्वास्थ्य विभाग का संदेश और प्रोत्साहन योजना:
-
कानूनी अपराध: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दोहराया कि गर्भ में बच्चे के लिंग का परीक्षण करना कानूनन संगीन जुर्म है और कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए प्रशासन लगातार सतर्क है।
-
इनाम की व्यवस्था: सरकार द्वारा अवैध लिंग परीक्षण व कन्या भ्रूण हत्या कराने वाले गिरोहों की पुख्ता सूचना देने वाले जागरूक नागरिकों के लिए एक लाख रुपये तक के नकद इनाम का प्रावधान किया गया है, साथ ही सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.