Local & National News in Hindi

इंदौर के 100 साल पुराने केंद्रीय संग्रहालय की दशा सुधरेगी… तकनीक सुनाएगी इतिहास, हर पल रहेगा रोमांच से भरा

21

इंदौर। शहर का 100 वर्ष पुराना संग्रहालय अब और भी बेहतर बनने जा रहा है। जिस संग्रहालय की नींव होलकर शासकों ने रखी थी, उसके विकास और विस्तार के लिए जो योजना पुरातत्व विभाग ने बनाई थी, उसे न केवल केंद्र से स्वीकृति मिली, बल्कि आठ करोड़ की राशि भी मंजूरी भी दे दी। साढ़े 10 करोड़ रुपये में शहर के केंद्रीय संग्रहालय की सूरत बदलने की योजना अब जल्द ही आकार लेना शुरू करेगी।

संभावित रूप से तीन वर्ष में शहर की यह धरोहर मालवा की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में सबसे आकर्षक संग्रहालय का रूप ले लेगी। अभी तक जो संग्रहालय मालवा (इंदौर, उज्जैन, धार, मांडू, देवास और गंधर्वपुरी) का सबसे विशाल और आकर्षक संग्रहालय की श्रेणी में आता था, अब इस योजना के साकार होते ही प्रदेश का सबसे आकर्षक संग्रहालय बन जाएगा।

  • राज्य स्तर का दर्जा प्राप्त शहर के केंद्रीय संग्रहालय को आकर्षक व सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए कई स्तर पर कार्य किया जाना है।
  • इसमें भवन के अलावा डिसप्ले तक को आकर्षक व आधुनिक बनाने की योजना है। यही नहीं यहां इंटरप्रिटेशन सेंटर भी शुरू होगा।
  • प्रदेश में यह पहला संग्रहालय होगा जहां इंटरप्रिटेशन सेंटर बनेगा। इसके अलावा यहां आर्ट गैलरी, सभागृह व प्रदर्शनी कक्ष, कैंटीन, सुविनियर शाप आदि भी बनेगी।
  • यहां ऐतिहासिक धरोहर की जानकारी तकनीक की मदद से भी दी जाएगी, जिसमें आडियो गाइड भी होगी और डिजिटल स्क्रीन के जरिये भी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
तीन वर्ष में पूरा होगा कार्य
पुरातत्व विभाग के उप संचालक प्रकाश परांजपे बताते हैं कि संग्रहालय को बेहतर बनाने के लिए साढ़े 10 करोड़ रुपये की योजना है। इसमें से केंद्र द्वारा आठ करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। शेष ढाई करोड़ रुपये मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग देगा। विकास कार्य के लिए अभी टेंडर जारी होगा जो पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा।
संग्रहालय का आर्किटेक्चर पुनीत सोहिल के निर्देशन में होगा। डिस्प्ले में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि धरोहर का मूल स्वरूप भी पूरी तरह से न बदले और विकास कार्य बेहतर ढंग से हो जाए। यह कार्य पूरा होने में करीब तीन वर्ष लगेंगे।
मूर्तियों से लेकर सिक्कों तक का डिस्प्ले होगा खास
    • प्रकाश परांजपे बताते हैं कि इंटरप्रिटेशन सेंटर में मालवा और इंदौर की जानकारी देने के लिए तकनीक की मदद ली जाएगी।
    • अभी तक सभी मूर्तियां कतारबद्ध रखी हैं, मगर अब इनका डिस्प्ले इस तरह होगा कि एक मूर्ति के बाद दूसरी मूर्ति कौन सी है, उसे देखने के लिए उत्सुकता बनी रहे।
    • इसके अलावा मूर्तियों के अनुरूप पेडिस्टल भी होंगे और उसके सामने डिजिटल गाइड होगी, जिससे संबंधित जानकारी मिल पाएगी। इसमें मूर्ति की जानकारी थ्री डी इमेज के साथ होगी।
    • ऑडियो गाइड की सुविधा भी होगी। यह जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में दी जाएगी। सिक्कों का डिस्प्ले भी इस तरह होगा कि उसके दोनों ही पहलुओं को देखा जा सके। प्रदर्शित वस्तुओं पर फोकस लाइट भी होगी। \

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.