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शिमला मस्जिद का अवैध हिस्सा हटाने को तैयार मुस्लिम पक्ष, कहा- हम शांति चाहते हैं

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हिमाचल प्रदेश के शिमला के संजौली में स्थित अवैध मस्जिद को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला. हिंदू संगठनों की ओर से मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर आंदोलन किया गया, जिसके देखते हुए मुस्लिम मौलवी की ओर से एक बयान सामने आया है. उनका कहना है कि आपसी प्रेम बनाए रखने के लिए हमने फैसला लिया है कि जो अवैध हिस्सा है उसे हटा दिया जाए. अगर हमें इजाजत मिलती है तो उसे हम खुद ही हटा देंगे.

मुस्लिम पक्ष की ओर से कमिश्नर को पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश में सभी धर्म और समुदाय के लोग हमेशा शांति और भाईचारे के साथ रहे हैं. इसलिए हम चाहते हैं कि अमन और शांति कायम रहे. इसलिए नगर-निगम अवैध निर्माण कहे जाने वाले हिस्से को सील कर दे. यह मामला कोर्ट में चल रहा है और हम कोर्ट के फैसला का सम्मान करेंगे. अगर इजाजत दी जाए, तो हमें इजाजत दें, तो हम खुद ही उस अवैध हिस्से को हटाने के लिए तैयार है.

Sanjauli Mosques

बुधवार को संजौली में शिमला पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया. यही नहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों पर वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया. इससे अब स्थानीय व्यापारी खासा नाराज नजर आ रहे हैं. इसी के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक दुकान बंद रखने का फैसला लिया है. शिमला व्यापार मंडल के तहत आने वाली शहर में सभी दुकानें बंद है.

बाजार बंद से हो रही परेशानी

इसके अलावा संजौली उपनगर में भी दुकान बंद करने का फैसला लिया गया है. शिमला में कोई भी दुकान खुली नहीं है और बाजार पूरी तरह से बंद है जिसे लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. व्यापार मंडल ने शिमला लोअर बाजार में व्यापारियों ने विरोध रैली निकाली और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे है. साथ ही जल्द से जल्द अवैध निर्माण को गिराने की मांग कर रहे हैं.

उग्र आंदोलन किया जाएगा

व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव का कहना है कि बीते दिन संजौली में अवैध निर्माण को गिराने के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे थे और उन पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाईं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके विरोध में आज शिमला में पूरी तरह से बाजार दुकान बंद रखा जा रहा है और सरकार से मांग की जा रही है कि जल्द से जल्द अवैध निर्माण को तोड़ा जाए और अगर इसे नहीं तोड़ा जाता है तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन भी किया जाएगा.

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