Local & National News in Hindi

कोलकाता रेप-मर्डर केस: ट्रेनी महिला डॉक्टर मामले में फैसला कल, CBI ने आरोपी के लिए मांगी फांसी की सजा

10

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कथित कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में बहुप्रतीक्षित फैसला शनिवार को सुनाया जाएगा. आरजी कर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुए इस घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया था. इस घटना के कारण देश भर में आक्रोश फैल गया था और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे. वहीं, इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के 57 दिन बाद कल इसका फैसला आने वाला है.

नागरिक स्वयंसेवक के रूप में कार्यरत संजय रॉय पर पिछले साल 9 अगस्त को उत्तर कोलकाता के सरकारी अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर पर अपराध करने का आरोप लगाया गया था. मुकदमा दर्ज होने के 57 दिन बाद सियालदह अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बन दास की अदालत में शनिवार को फैसला सुनाया जाएगा. आरोपी संजय रॉय को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था.

CBI ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की है

अस्पताल के सेमिनार हॉल से महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव बरामद किया गया था. महिला के शरीर पर कई तरह के चोट के निशान मिले थे. वहीं, शव मिलने के एक दिन बाद 10 अगस्त को पुलिस ने कथित आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया था. बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को ट्रांसफर कर दिया और एजेंसी ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की है.

लेडी ड़ॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले की बंद कमरे में सुनवाई 12 नवंबर को शुरू हुई और 50 गवाहों से पूछताछ की गई. वहीं, आरोपी संजय रॉय के मुकदमे की सुनवाई 9 जनवरी को पूरी हुई थी. पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि अपराध में अन्य लोग भी शामिल थे. उन्हें उम्मीद है कि अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. उन्होंने मामले की आगे जांच की मांग करते हुए अदालत में एक आवेदन भी दायर किया है.

इस अपराध के बाद कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों ने पीड़िता के लिए न्याय और सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने की मांग करते हुए लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया. बीजेपी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सहित विपक्षी राजनीतिक दलों ने इस जघन्य अपराध का विरोध किया, लेकिन पीड़िता के लिए न्याय की मांग करने वाले गैर-राजनीतिक आंदोलन अधिक सक्रिय रहे.

सुप्रीम कोर्ट ने एनटीएफ का किया था गठन

कोलकाता और राज्य के कुछ अन्य शहरों में नागरिकों ने पीड़ित डॉक्टर के लिए न्याय की मांग करते हुए आधी रात में रैलियां निकालीं. पीड़ित डॉक्टर को कुछ लोगों ने ‘अभया’ जबकि अन्य ने ‘तिलोत्तमा’ नाम दिया. दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना कानून द्वारा निषिद्ध है. वहीं, कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन चलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले पर संज्ञान लिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) का गठन किया था. कोर्ट ने देश भर में डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा के लिए एक ‘प्रोटोकॉल’ सुझाने के लिए इसका गठन किया था. वहीं, एनटीएफ ने पिछले साल नवंबर में शीर्ष अदालत के समक्ष एक रिपोर्ट दायर की थी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.