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कौन होगा Tiktok का नया ‘माई-बाप’? क्या इस कंपनी के दांव से हार जाएंगे Elon Musk

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शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म TikTok पिछले लंबे समय से सुर्खियों में बना हुआ है, कुछ कंपनियां टिकटॉक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए रेस में हैं लेकिन हर किसी का यही सवाल है कि आखिर टिकटॉक में बिक्री हो क्यों रही है और इसके पीछे की वजह क्या है? टिकटॉक में हिस्सेदारी खरीदने की रेस में अब Microsoft और Oracle जैसी बड़ी कंपनियों का भी नाम सामने आ रहा है.

हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि ऐप के एल्गोरिदम, डेटा कलेक्शन और सॉफ्टवेयर अपडेट की देखरेख अमेरिकी कंपनी के हाथों में होगी. अभी ये सब केवल अटकलें हैं इस मामले में कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

क्यों बिक रही हिस्सेदारी, क्या है वजह?

कुछ दिनों पहले अमेरिका में टिकटॉक को एपल ऐप स्टोर से रिमूव कर दिया गया था, यही नहीं ये ऐप अमेरिका में यूजर्स के लिए काम भी नहीं कर रहा है. राष्ट्रपति पद संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइट डांस को 75 दिनों का समय दिया है. अमेरिका में ये कंपनी इसी शर्त पर काम कर पाएगी जब इस कंपनी में 50 फीसदी हिस्सेदारी अमेरिकी हो.

आसान भाषा में इसका मतलब यह है अगर टिकटॉक में अमेरिकी कंपनी का हिस्सा नहीं हुआ तो कंपनी को अमेरिका में बोरिया-बिस्तरा समेटना पड़ सकता है. याद दिला दें कि कुछ समय पहले तक रिपोर्ट्स में इस बात की भी चर्चा थी कि एलन मस्क भी टिकटॉक को खरीद सकते हैं. ये तो वक्त ही बताएगा कि आखिर टिकटॉक डील किसके लिए फायदेमंद साबित होती है, Microsoft, Oracle या फिर एलन मस्क.

टिकटॉक पर क्यों छाए ‘संकट के बादल’?

टिकटॉक के पास अमेरिका में लगभग 17 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं लेकिन अमेरिका ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ऐप पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया. अमेरिकी कंपनी की डील होने के बाद भी टिकटॉक की पैरेंट कंपनी के पास भी हिस्सेदारी रहेगी.

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