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उसकी बॉडी को टुकड़ों में मत काटो… बेंगलुरु भगदड़ में गई इकलौते बेटे की जान, बाहर आ गया पिता का दर्द

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बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम इस समय सुर्खियों में बना हुआ है, इसकी वजह सिर्फ IPL में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत नहीं है, बल्कि वो दर्द भरी तस्वीर है जो सभी के सामने आई है. बुधवार को जब 18 साल बाद आरसीबी ने आईपीएल का खिताब हासिल किया तो इसी के सम्मान में स्टेडियम में जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन इस बीच वहां पर भगदड़ मच गई और 11 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई घायल हो गए हैं.

इस भगदड़ में एक शख्स ने अपने बेटे को खो दिया. उनके आंसू और दर्द बयान कर रहे हैं कि उनकी जिंदगी में यह दर्द कितना बड़ा है. आंसुओं के साथ वो अपने बेटे की बॉडी बिना पोस्टमार्टम किए मांग कर रहे हैं.

पिता ने बयान किया दर्द

पिता ने कहा, उसकी बॉडी का पोस्टमार्टम मत करो, मुझे उसकी बॉडी दे दो, उसकी बॉडी को टुकड़ों में मत काटना. अपने एक इकलौते बेटे को खो चुके पिता ने आंसुओं के साथ कहा, मेरा एक ही बेटा था और आज मैंने उसे भी खो दिया. वो यहां मुझे बिना बताए आया था. अब सीएम और डिप्टी सीएम यहां आएंगे , दौरा करेंगे लेकिन मेरे बेटे को कोई वापस नहीं ला सकता है.

अफवाह से मची भगदड़

इंडियन प्रीमियर लीग में 18 साल बाद आरसीबी (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) की पहली जीत का जश्न मनाने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी, क्रेजी क्रिकेट फैंस अपनी टीम के जीत के जश्न में शामिल होने के लिए जुट गए. इसी बीच फ्री टिकट की अफवाह फैल गई और यह एक अफवाह बड़े हादसे की वजह बनी.

अंदर जश्न चलता रहा और बाहर हालात बद से बदतर हो गए. बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हो गऐ और भीड़ को काबू करना मुश्किल हो गया. भीड़ में से कुछ लोग अंदर जाने की कोशिश करने लगे और चीजें खराब होती चली गई.

सीएम ने जांच के दिए आदेश

इस भगदड़ में जहां 11 लोगों की मौत दर्ज की गई है वहीं कई लोग घायल भी हो गए हैं. कई लोग बेहोश हो गए और इसी के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस भगदड़ की जांच के आदेश दिए हैं. जांच की जाएगी कि भगदड़ किस वजह से हुई. 15 दिन में रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है.

कार्यक्रम स्थल पर भीड़भाड़ के लिए माफी मांगते हुए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि प्रोग्राम को शोर्ट रखने के लिए हर तरह की कोशिश की गई थी. उन्होंने आगे कहा, ”युवा भीड़” को कंट्रोल करने के लिए अधिकारी उन पर लाठियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बेंगलुरु हादसे पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. मैं प्रार्थना करता हूं कि जो लोग घायल हुए हैं वे जल्द ही स्वस्थ हो जाए.

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