12 बेकसूर मुसलमानों को 18 साल जेल में रखा, किसी के पिता मर गए किसी की पत्नी..मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के फैसले पर बोले ओवैसी
2006 के मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने सभी 12 दोषियों की सजा को रद्द कर दिया. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या सरकार इस मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र एटीएस के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी? जिनकी वजह से निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया और सालों बाद जब वह अपने जीवन का सुनहरा समय बीता चुके हैं, तब उन्हें जेल से रिहा किया जाता है.
दरअसल, 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में पहले वहां की निचली अदालत ने सभी 12 दोषियों को दोषी करार दिया था, जिनमें से 5 को फांसी और 7 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. लेकिन सोमवार को हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सभी दोषियों को निर्दोष बताकर उन्हें बरी कर दिया. सजा पाए 12 आरोपियों में से एक आरोपी की 2022 में कोविड की वजह से जेल में ही मौत हो गई थी.
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