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सिवनी का परेवा खोह घूमने आया युवक, पानी में फिसल गई चप्पल, उठाने की कोशिश में बह गया; मौत

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मध्य प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों बारिश कहर बनकर बरस रही है लेकिन बारिश के बीच लोग सेल्फी और रील्स के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. ऐसा ही कुछ हुआ है सिवनी जिले में जहां पानी की तेज धार के बीच रील बनाने के चक्कर में मस्ती कर रहे युवकों की टोली में एक युवक पानी की तेज धार में बह गया. पानी में बहता देख अन्य साथी उसे बचाने की कोशिश करते हुए दौड़े लेकिन जब तक वह पानी की लहरों में समा गया. इस पूरी घटना का लाइव वीडियो अब सामने आया है जो दिल दहला देने वाला है. फिलहाल गोताखोरों की मदद से रविवार देर शाम युवक का शव बरामद कर लिया गया है.

दरअसल यह पूरी घटना सिवनी जिले के आदेगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत पर्यटन स्थल परेवा खोह की है, जहां लखनादौन का रहने वाला 20 साल का आयुष यादव अपने अन्य चार-पांच साथियों के साथ परेवा खोह गया था. खोह में घूमने के दौरान आयुष की चप्पल पानी में गिर गई और वह पानी की तेजधार में बहने लगी. तभी आयुष लकड़ी की मदद से चप्पल निकालने की कोशिश करने लगा. कुछ ही पलों बाद चप्पल तेज बहाव में थोड़ी दूर बहती रही. इसी बीच उसके दोस्त दूसरी तरफ खड़े होकर मोबाइल से वीडियो बना रहे थे. आयुष एक लकड़ी की मदद से चप्पल निकालने की कोशिश करने लगा.

वीडियो बनाते रहे दोस्त

आयुष के दोस्त उसे रोकने के बजाय पत्थर फेंककर मस्ती करते रहे. वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि दोस्त उसकी मदद करने की बजाय केवल तमाशबीन बने रहे. आयुष दोबारा दौड़कर पानी के दूसरी तरफ पहुंचा और जैसे ही वह चप्पल पकड़ने लगा उसी वक्त उसका पैर फिसल गया. तेज धार उसे बहा ले गई. यह दृश्य दिल को झकझोर देने वाला है. हादसे के कुछ घंटे बाद ही पुलिस को युवक का शव नदी में मिला. थाना प्रभारी पूजा चौकसे ने बताया कि गोताखोरों की मदद से शव को बरामद कर पंचनामा की कार्यवाही के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है.

कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं

इस हादसे ने दो बड़ी लापरवाहियों की ओर इशारा किया है एक तो युवाओं का लापरवाही भरा व्यवहार, जो रील बनाने के चक्कर में अपनी जान तक जोखिम में डाल देते हैं. दूसरा प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की घोर कमी. परेवा खोह जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं न तो चेतावनी बोर्ड, न लाइफगार्ड, और न ही किसी तरह की बैरिकेडिंग. यह घटना एक बड़ा सबक है उन सभी युवाओं के लिए जो सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यू पाने के चक्कर में अपनी जान गवां बैठते है.

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