Local & National News in Hindi

Tax चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई, करोड़ों के फर्जी बिलिंग घोटाले का पर्दाफाश

4

जालंधर/चंडीगढ़ : टैक्स चोरी के खिलाफ अपनी लड़ाई को एक बड़े स्तर पर तेजी से आगे बढ़ाते हुए, पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान विभाग ने आज यहां घोषणा की कि राज्य के कराधान विभाग ने 385 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी वाले लेन-देन समेत एक बड़े जाली बिलिंग घोटाले, जिसके माध्यम से 69.57 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी हुई, में शामिल 7 व्यक्तियों के खिलाफ दो एफ.आई.आर. दर्ज की हैं।

इस संबंधी विवरण सांझा करते हुए विभाग ने कहा कि 12 सितंबर, 2025 को दर्ज की गई एफ.आई.आर. में से पहली, मैसर्स राजधानी आयरन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरैक्टर मनीष गर्ग व रिद्धम गर्ग के खिलाफ दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच के दौरान मैसर्स महालक्ष्मी ट्रेडर्स और मैसर्स शिव शक्ति एंटरप्राइजिज सहित जाली फर्मों का जटिल नैटवर्क उजागर हुआ, जो बड़े स्तर पर धोखाधड़ी गतिविधियों और इनपुट टैक्स क्रैडिट (आई.टी.सी.) के गलत उपयोग में लिप्त था।

उन्होंने कहा कि इन घोषित व्यावसायिक ठिकानों की भौतिक सत्यापन से पता चला कि वे या तो बंद थे या मौजूद नहीं थे, जिससे इनकी कार्रवाई में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि इस फर्म पर 310 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी वाले लेन-देन का मामला है, जिसके परिणामस्वरूप 55.93 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले में वरिष्ठ सुपरिंटैंडैंट ऑफ पुलिस, फतेहगढ़ साहिब के पास एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई।

वित्त विभाग ने आगे बताया कि अन्य कार्रवाई में, 9 सितंबर, 2025 को मैसर्स के.के. इंडस्ट्रीज और उसके सहयोगी चंदन सिंह, अमनदीप सिंह और मुकेश के खिलाफ एक और बड़े जाली बिलिंग घोटाले में भूमिका के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज की गई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.