वजयादशमी उत्सव-20 हज़ार की भीड़ के बीच हुआ रावण दहन
जय श्री राम के नारों से गूंजा मिशन ग्राउंड
राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी , विजयादशमी के पावन अवसर पर रविवार को सिवनी का मिशन ग्राउंड आस्था, परंपरा और उत्साह का जीवंत केंद्र बन गया। लगभग 20,000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति में बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक, रावण दहन समारोह ऐतिहासिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
जैसे ही रावण का विशालकाय पुतला अग्नि के हवाले किया गया, पूरा मैदान ‘जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। यह दृश्य केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर, सिवनी की सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक चेतना का प्रतीक बन गया।
रावण का विशालकाय पुतला जैसे ही धू-धू कर जला, पूरा मैदान जय श्री राम के जयघोष से गूंज उठा, जो सत्य की विजय के प्रति लोगों की सामूहिक भावना को दर्शाता है।
रामदल समिति: परंपरा की नि:स्वार्थ प्रहरी
इस सफल आयोजन के पीछे श्री रामदल समिति की वर्षों पुरानी सेवा भावना और संगठनात्मक दक्षता का अहम योगदान है। समिति के सदस्य पूरे वर्ष नि:स्वार्थ भाव से कार्य करते हैं—पुतले की निर्माण सामग्री एकत्र करना, ग्राउंड की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में वे निरंतर सक्रिय रहते हैं।
व्यवसाय, पारिवारिक जिम्मेदारियों और निजी हितों से ऊपर उठकर, समिति के सदस्य केवल सनातन परंपरा के संरक्षण को अपना उद्देश्य मानते हैं। समिति का यह योगदान बिना किसी प्रचार या व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा के होता है।
विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रही आस्था
बीते वर्षों में समिति ने बारिश, तकनीकी बाधाएँ और प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद आयोजन की निरंतरता बनाए रखी है। रावण के पुतले का निर्माण महीनों पहले से प्रारंभ होता है और आयोजन तक सैकड़ों घंटे की मेहनत लगती है।
मुख्य बिंदु:महीनों पूर्व से पुतले की निर्माण प्रक्रिया आरंभ।मिशन ग्राउंड की स्वच्छता व सुरक्षा पर विशेष ध्यान।प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर भीड़ नियंत्रण में सफलता।
वरिष्ठ सदस्यों का अनुभव और युवा स्वयंसेवकों की ऊर्जा इस आयोजन की रीढ़ है, जो हर वर्ष इसे नए मुकाम तक पहुँचाती है।
सिवनी का दशहरा-धार्मिक उत्सव से आगे, एक सांस्कृतिक विरासत
सिवनी का दशहरा अब केवल धार्मिक पर्व नहीं रह गया है, बल्कि यह स्थानीय सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन गया है। आयोजन को देखने के लिए न केवल सिवनी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँचते हैं।विजयादशमी का यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत की भावना को जीवंत करता है और समाज में एकता, आस्था और सेवा भावना को प्रोत्साहित करता है।
आयोजन को हर साल अभूतपूर्व भव्यता प्रदान करता है। सिवनी में रावण दहन अब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक भावना का मूर्त रूप बन चुका है, जिसे देखने के लिए आस-पास के क्षेत्रों से भी जनसैलाब उमड़ता है।