राष्ट्र चंडिका न्यूज़ सिवनी: पुलिस महकमे को हिला देने वाले ₹2.96 करोड़ की हवाला राशि की हेराफेरी (कथित डकैती) के मामले में हड़कंप जारी है। एसडीओपी पूजा पांडे और थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित 11 पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद, अब सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि इस मामले में ‘थर्ड अंपायर’ का फैसला आना बाकी है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जाँच अभी भी जारी है और उच्च स्तर पर बारीकियाँ खंगाली जा रही हैं। देर रात तक इस मामले में एक और बड़े अधिकारी पर गाज गिर सकती है।
जाँच के दायरे में कौन?
सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल एसडीओपी और टीआई के क्षेत्राधिकार तक सीमित नहीं था। सवाल यह उठ रहा है कि ₹2.96 करोड़ जैसी बड़ी रकम की जब्ती और उसकी हेराफेरी की जानकारी इतने घंटों तक जिले के वरिष्ठतम पुलिस अधीक्षक (SP) तक क्यों नहीं पहुँची, या क्या उन्हें जानबूझकर अंधेरे में रखा गया?
जाँच एजेंसियाँ घटना की सूचना में हुई देरी और मालखाने में रकम जमा करने की 24 घंटे की देरी के पीछे के कारणों की गहनता से जाँच कर रही हैं।
पुलिस महकमे में दहशत
जबलपुर रेंज आईजी प्रमोद वर्मा ने जिस तत्परता से कार्रवाई की है, उससे सिवनी के पुलिस महकमे में गहरी दहशत का माहौल है। ‘थर्ड अंपायर देर रात तक एक को और आउट करार दे सकता है’ – यह जुमला अब पूरे जिले के पुलिस गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
यदि देर रात कोई और बड़ा अधिकारी निलंबित होता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह डकैती सिर्फ निचले स्तर तक नहीं, बल्कि जिला पुलिस प्रशासन के शीर्ष तक अपनी जड़ें फैला चुकी थी। सभी की निगाहें अब जबलपुर और भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय पर टिकी हैं कि अगला ‘आउट’ होने वाला खिलाड़ी कौन होगा।