Local & National News in Hindi

मंदिर का पुजारी बना गांजा तस्कर! चढ़ावा कम मिला तो बेचने लगा नशीला पदार्थ, पुलिस ने इस तरह बिछाया जाल और दबोचा।

5

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर ज़िले के गुंटकल शहर में मंदिर का पुजारी गांजा तस्करी करते हुए पकड़ा गया है. साथ उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, स्थानीय लोगों को यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि एक मंदिर का पुजारी गांजा तस्कर निकलेगा.

आबकारी विभाग की टीम ने हनुमान सर्कल इलाके में छापा मारकर गांजा तस्करी में लिप्त पुजारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है. उसके पास से चार किलो गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की गई बाइक जब्त की गई है.

4 किलो गांजा जब्त

सूत्रों के मुताबिक, आबकारी टीम को पहले से सूचना मिली थी कि कुछ लोग इस क्षेत्र में अवैध रूप से गांजा की सप्लाई कर रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों ने कार्रवाई की. जब टीम ने मौके पर छापा मारा, तो दो व्यक्ति वहां गांजा की खेप सौंपने की तैयारी कर रहे थे. दोनों को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया. जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास चार किलो गांजा मिला.

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहन सुंदर और साई कुमार के रूप में हुई है. मोहन सुंदर पश्चिम गोदावरी जिले के वेंकटपुरम गांव का निवासी है और गुथी मंडल के अभय डोड्डी गांव के एक मंदिर में पुजारी है. वहीं दूसरा आरोपी साई कुमार गुथी शहर के एससी कॉलोनी का रहने वाला है. दोनों को पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.

मंदिर में मिलने वाला चढ़ावा बहुत कम होता था

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पुजारी मोहन सुंदर पिछले कुछ समय से मंदिर में पुजारी के साथ-साथ गांजा बेचने का भी काम कर रहा था. पुलिस का कहना है कि मंदिर में मिलने वाला चढ़ावा बहुत कम होता था, जिससे उसका खर्च नहीं चल पा रहा था. इसलिए उसने अवैध रूप से गांजा तस्करी शुरू कर दी. शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि वह स्थानीय स्तर पर गांजा खरीदकर आसपास के इलाकों में छोटे पैमाने पर बेचता था.

हालांकि पुलिस को अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि उसे यह गांजा कहां से मिलता था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं. आबकारी अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पुजारी अकेले यह काम कर रहा था या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था.

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है. उनका कहना है कि पुजारी जैसे व्यक्ति से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती. एक व्यक्ति जो समाज को आध्यात्मिक मार्ग दिखाने का कार्य करता है, वही अगर नशे के कारोबार में शामिल हो जाए तो यह बेहद शर्मनाक है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.