Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

प्रदूषण का ‘खतरा’ घर के अंदर भी! बढ़ते AQI से बचने के लिए एक्सपर्ट के 5 आसान उपाय, जानें कैसे रखें हवा शुद्ध

 देश के कई राज्यों में लगातार बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) और प्रदूषण का स्तर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है. हवा में धूल, धुआं, गैसों और हानिकारक कणों की मात्रा बढ़ने से सांस लेना तक मुश्किल होता जा रहा है. इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर जल्दी और ज्यादा पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि हम न केवल बाहर बल्कि अपने घर के अंदर भी खुद को सुरक्षित रखें और अपनी सेहत पर खास ध्यान दें.

जब हवा में PM 2.5 और PM 10 जैसे छोटे-छोटे धूल और प्रदूषण के कण बढ़ जाते हैं, तो वे सांस के साथ शरीर के अंदर चले जाते हैं और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहना शरीर की इम्यूनिटी कमजोर करता है और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है. त्वचा पर रैशेज़, आंखों में जलन और थकान भी आम लक्षण बन जाते हैं. बच्चों और बुजुर्गों में यह असर और भी तेज होता है क्योंकि उनका शरीर कमजोर होता है. प्रदूषण न सिर्फ फेफड़ों बल्कि हार्ट और दिमाग के कामकाज पर भी असर डालता है.

कैसे करें घर में खुद की देखभाल

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि अगर बाहर की हवा जहरीली हो, तो जरूरी है कि घर के अंदर का वातावरण स्वच्छ रखा जाए. सबसे पहले, सुबह-शाम खिड़कियां सिर्फ कुछ देर के लिए खोलें ताकि ताजी हवा आ सके, लेकिन ज्यादा देर तक खुला न रखें. घर के अंदर पौधे जैसे एलोवेरा, स्पाइडर प्लांट और स्नेक प्लांट लगाएं, ये प्राकृतिक एयर प्यूरिफायर हैं. एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और उसके फिल्टर को नियमित रूप से साफ करें.

खुद को हाइड्रेट रखें, दिनभर पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिन्स निकल सकें. खाने में विटामिन सी, डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें शामिल करें जिससे इम्यूनिटी मजबूत रहे. बाहर निकलना जरूरी हो तो N95 मास्क पहनें और घर लौटकर हाथ-मुंह अच्छी तरह धोएं.

ये भी जरूरी

घर में धूम्रपान न करें.

घर में पौधे लगाकर हवा को साफ और ताजा रखें.

हर्बल चाय और हल्दी वाला दूध पिएं.

रोजाना हल्का व्यायाम करें.

विटामिन सी युक्त फल खाएं.

घर की सफाई में सुगंधित केमिकल्स से बचें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.