बांके बिहारी का ‘खजाना’ काउंटडाउन! तहखाना दूसरे दिन फिर खुला, अब तक क्या-क्या मिला? मंदिर में गहमागहमी जारी
मथुरा के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के तहखाने को आज दूसरे दिन खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. पहले दिन ठाकुर मंदिर के तहखाने को खोला गया, तो वहां काफी ज्यादा हलचल देखने को मिली. एक तरफ जहां गोस्वामी समाज ने इसका विरोध किया तो दूसरी तरफ तहखाना में कमेटी को और जांच टीम को कुछ भी हाथ नहीं लगा. अब देखने ये होगा कि आज तहखाने में क्या-क्या हाथ लगता है. कल बड़ी संख्या में लोग और पुलिस मौके पर मौजूद रही.
पहले दिन तहखाना खोला गया तो उसमें कुछ बर्तन, लकड़ी का सिंहासन और बक्से मिले हैं, जिनमें कुछ बर्तन भक्तों के थे. समय कम रहने के चलते ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के तहखाने को बंद कर दिया गया था और उसकी जांच की प्रक्रिया आगे के लिए बढ़ा दी गई थी. लेकिन देर रात को हुए आदेश के बाद 19 अक्टूबर यानी आज एक बार फिर तहखाना खोला जा रहा है. इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं.
पहले क्यों रुक गई थी तहखाने की जांच?
अब देखना यह होगा कि जो तहखाना कल यानी शनिवार को सील लगाकर बंद कर दिया गया था. आज उसमें से क्या निकलेगा और कौन से रहस्य से पर्दा उठेगा यह देखने वाला पल होगा. कमेटी के गोस्वामी सदस्य ने बताया कि कल की प्रक्रिया अधूरी रह गई थी. क्योंकि कल जांच करते हुए मंदिर खुलने का समय हो गया था. जिसके चलते कल जांच को वहीं छोड़ दिया गया, लेकिन आज दोबारा जांच शुरू की जाएगी.
तहखाना खुलने के विरोध में गोस्वामी समाज
तहखाना के अंदर अभी कुछ बक्से रहे हैं, उन्हें खोलना बाकी है. इनमें से जो भी निकलेगा उन्हें सभी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा. साथ ही कोशिश रहेगी कि आज समय रहते सारी प्रक्रिया पूरी हो जाए. वहीं दूसरी तरफ गोस्वामी समाज में तहखाना खोलना को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है.उनका कहना था कि बांके बिहारी मंदिर का तहखाना खुलना नहीं चाहिए, लेकिन इसके बावजूद भी यह खोल दिया गया है.
जहां सोने चांदी और आभूषणों की बात की जा रही थी वहां कुछ भी हाथ नहीं लगा है. सब कुछ खोदा पहाड़ और निकली चुहिया जैसे निकाला. अब देखना यह होगा कि दूसरे दिन प्रक्रिया में आखिर क्या-क्या हाथ लगता है.
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