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सतनामी समाज के उपासना स्थल भंडारपुरी में गुरुद्वारा के इस्लामीकरण का विरोध

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रायपुर: सतनामी समाज के धार्मिक स्थल भंडारपुरी में गुरुद्वारा का निर्माण मस्जिद मकबरा नुमा डिजाइन में बनाने की तैयारी की जा रही है. यह आरोप बीजेपी के पूर्व सांसद पीआर खूटे ने लगाए हैं. उन्होंने रायपुर में एक प्रेस वार्ता के जरिए गुरुद्वारे के मस्जिदनुमा डिजाइन का विरोध किया है.

सतनामी समाज ने क्या कहा ?: सतनामी समाज की तरफ से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीआर खूंटे ने कहा कि क्योंकि सतनामी सबसे पहले हिंदू है. उसके बाद ही सतनामी है. ऐसे में भंडारपुरी में गुरुद्वारा के आकार और प्रकार में छेड़छाड़ किया जाता है, तो सतनामी समाज एक जुट होकर सत्याग्रह जैसा आंदोलन करेगा. इसके साथ ही पूरे प्रदेश में एक जन आंदोलन करने की चेतावनी पीआर खूंटे ने दी है.

पीआर खूंटे ने केंद्र और राज्य सरकार से की मांग: पीआर खूंटे ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि सतनामी समाज के धार्मिक स्थल गुरु घासीदास बाबा के कर्मस्थली भंडारपुरी धाम के मूल स्वरूप में ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए. भंडारपुरी गुरुद्वारा के आकार और प्रकार में किसी भी तरह का परिवर्तन ना किया जाए.

भंडारपुरी गुरुद्वारा का इस्लामीकरण कर दिया गया है. इसलिए मकबरा और मस्जिद नुमा नक्शा पास हुआ है. उसी नक्शे के आधार पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण सतनामी समाज और गुरु घासीदास बाबा के विचारों को मानने वाले लोगों में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है- पीआर खूंटे, पूर्व सांसद, बीजेपी

स्वरूप से छेड़छाड़ तो होगा सत्याग्रह आंदोलन: पीआर खूंटे ने चेतावनी दी है कि इस गुरुद्वारा को मूल स्वरूप में अगर नहीं बनाया जाता है. अगर गुरुद्वारा को मकबरा और मस्जिद नुमा आकार में बनाया जाता है तो सतनामी समाज इसका विरोध करेगा. सतनामी समाज इसके लिए सत्याग्रह जैसे आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा.

सर्वप्रथम सतनामी हिंदू है उसके बाद वह सतनामी होता है. सतनामी समाज का जीवन यापन भी हिंदू धर्म के अनुसार होता है. हिंदू संस्कृति और विचारधारा से सतनामी समाज का जीवन चल रहा है. गुरुद्वारा के आकार प्रकार को बदलकर मस्जिद और मकबरा नुमा नक्शा पासल कराया गया है. यह काम एएस अली जैसे लोग ने किया है. हम इसका विरोध करते हैं- पीआर खूंटे, पूर्व सांसद, बीजेपी

पीआर खूंटे ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि एएस अली जैसे व्यक्ति जो मुस्लिम लीग फोरम के सचिव हैं. उन्हें मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सरकारी प्रवक्ता घोषित करवाया. अब उसी के माध्यम से यह मस्जिद नुमा नक्शा पास हुआ है. उसी नक्शे के आधार पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है. हम इसका विरोध करते हैं.

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