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मंडला में पराली को लेकर किसानों का जोरदार प्रदर्शन, 300 ट्रैक्टरों के साथ नेशनल हाईवे जाम

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मंडला: पराली यानि नरवाई जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाने से किसान परेशान हैं. पराली जलाने पर किसानों पर एफआईआर दर्ज करने का किसान पुरजोर विरोध कर रहे हैं. मंडला में शुक्रवार को किसानों ने प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर जबलपुर–रायपुर नेशनल हाईवे 30 को जाम कर दिया और अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई.

300 ट्रैक्टरों का काफिला लेकर पहुंचे किसान

मंडला जिले के सैकड़ों किसान शुक्रवार सुबह अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतर आए. किसानों ने जबलपुर–रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रैली निकालते हुए जाम लगा दिया. जिले भर के किसान 300 ट्रैक्टरों के साथ नेशनल हाईवे 30 पर पहुंच गए. इससे नेशनल हाईवे पर जाम लग गया.

पराली जलाने पर किसानों पर दर्ज हो रही एफआईआर से किसान नाराज हैं. किसान हेमंत पटेल का कहना है कि “प्रशासन द्वारा नरवाई यानी फसल कटाई के बाद खेतों में बची पराली को जलाने पर लगाए गए सख्त प्रतिबंध से वे परेशान हैं. हम खेतों में नरवाई नहीं जलाएंगे तो खेतों की तैयारी में बहुत परेशानी आती है. मजदूर और ट्रैक्टर का खर्चा बढ़ गया है जिससे लागत दोगुनी हो गई है. पराली जलाने पर किसानों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है. किसान सम्मान निधि रोकने की बात कही जा रही है. हम सभी किसान ऐसी प्रशासनिक नीतियों के विरोध में किसान सड़क पर उतरे हैं.”

नरवाई जलाने पर लगे प्रतिबंध में ढील देने की मांग

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नरवाई जलाने पर लगे प्रतिबंध में ढील दी जाए या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए. प्रदर्शन के दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई, हालांकि कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका. फिलहाल प्रशासन किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है लेकिन किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

किसानों पर एफआईआर दर्ज करने वाला कानून रद्द करने की मांग

किसान हेमंत पटेल ने बताया कि हम जिला मुख्यालय में शांति पूर्ण तरीके से ट्रैक्टर रैली लेकर आये हुए हैं. जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौपकर चले जाएंगे लेकिन हमें शहर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. हम किसान 300 ट्रैक्टरों का काफिला लेकर आये हुए हैं. प्रशासन सिर्फ 10 ट्रैक्टर ले जाने की अनुमति दे रहा है. हमारा प्रशासन ने निवेदन है कि पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज करने वाला कानून वापिस लिया जाए.

अपर कलेक्टर ने किसानों को दिया आश्वासन

अपर कलेक्टर राजेन्द्र सिंह ने बताया कि किसानों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया गया. जिस पर किसानों ने अपनी 9 सूत्री मांगों का उल्लेख भी किया. किसानों की बातों को सुनते हुये उन्हें आश्वासन दिया गया कि पराली जलाने के कानून की मांग को ऊपर प्रशासन को भेजा जाएगा लेकिन तब तक मंडला जिले में यह कानून शिथिल कर दिया जाएगा. ट्रैक्टर रैली के कारण नेशनल हाईवे पर वाहनों की 10 किमी लंबी कतार लग गई और 3 घंटे तक बंद रहा.

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