दमोह: मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व एक बार फिर काले हिरणों से गुलजार हो गया है. इन काले हिरणों को शुक्रवार की देर रात शाजापुर के जंगलों से लाकर रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सुरक्षित छोड़ा गया. जैसे ही हिरणों को मुक्त किया गया वे कुलांचे मारते हुए जंगल की ओर निकल गए. शाजापुर से पहले खेप में 153 काले हिरण लाए गए हैं. इनको यहां लाने के लिए अफ्रीका से एक विशेषज्ञ टीम आई है.
नौरादेही में छोड़े गए काले हिरण
किसानों की समस्या को देखते हुए लिया फैसला
उपवन मंडल अधिकारी बीपी तिवारी ने बताया कि “किसानों की समस्या को देखते हुए वन विभाग ने इन हिरणों का हस्तांतरित करने का फैसला किया. शुक्रवार को काले हिरणों की पहली खेप नौरादेही सुरक्षित पहुंचाई गई है. यहां का माहौल और जलवायु इन काले हिरणों के लिए काफी मुफीद है. इन्हें काबू करने के लिए शाजापुर के स्थानीय प्रशासन और किसानों ने काफी प्रयास किए, लेकिन जब वह इसमें सफल नहीं हो सके, तो यह निर्णय लिया गया की इन्हें घने जंगलों जहां पर मैदानी इलाके भी हो वहां पर छोड़ा जाए, ताकि यह निर्भय होकर विचरण कर सके.”
बोमा तकनीक से पकड़े हिरण
इन हिरणों को पकड़कर स्थानांतरित करने के लिए अफ्रीका से विशेषज्ञों की एक टीम को बुलाया गया है. इस टीम ने हिरणों को पकड़ने के लिए बोमा तकनीक और हेलीकॉप्टर की मदद ली. वहीं दूसरी ओर मजबूत कपड़े का एक बाड़ा तैयार किया. इसके बाद हेलीकॉप्टर की मदद से हिरणों को खदेड़कर एक जगह पर इकठ्ठा किया गया, फिर हिरणों के झुंड को उस बाड़े में भेज दिया गया. इसके बाद में उन्हें पिंजरों में डाला और फिर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लाकर खुले जंगल में छोड़ दिया गया.