छिंदवाड़ा: एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत छिंदवाड़ा शहर में 1 साल पहले नगर निगम द्वारा 11000 पौधे लगाए गए थे, लेकिन हैरानी की बात यह कि वर्तमान में एक भी पौधा जिंदा नहीं बचा है. सभी पौधे सूख गए हैं, जहां ये पौधे रोपित किए गए थे वहां अब सिर्फ घास फूस उगे हैं. कांग्रेस नेता ने इन पौधों के सूखने की मुख्य वजह नगर निगम की लापरवाही बताई है. उनका कहना है कि जो नगर निगम पूरे शहर को पानी पिलाता है, उसके पास पौधों की सिंचाई करने के लिए पानी नहीं है. कांग्रेस ने कहा कि “इससे बड़ा भ्रष्टाचार और कुछ नहीं हो सकता है.”
11000 पौधे लगाकर बनाया था रिकॉर्ड
21 जुलाई 2024 को गुरु पूर्णिमा के मौके पर नगर निगम ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत छिंदवाड़ा शहर के वार्ड नंबर 16 में बड़े ताम झाम के साथ पौधारोपण किया गया था. इस अभियान में भाजपा नेता, जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोगों सहित शहर की जनता ने बढ़ चढ़कर भाग लिया है. 11000 पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाया गया था, लेकिन एक साल बाद अब उन पौधों की जगह में घास फूस और झाड़ियां उगी हुई है. पौधों का नामों निशान तक नहीं है.
एक साल बाद एक भी पौधा जीवित नहीं बचा
सूख चुके पौधों को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता नितिन उपाध्याय ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि “भाजपा ने दिखावे के लिए मां के नाम को भी नहीं छोड़ा है. एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे तो लगे, लेकिन 1 साल बाद एक भी पौधा नहीं बचा है. फोटो खिंचवाने और मीडिया में दिखने के लिए बीजेपी बड़े-बड़े आयोजन कर लेती है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ ही नजर आती है. इससे बड़ा भ्रष्टाचार और कुछ नहीं हो सकता कि एक भी पौधा एक साल बाद जीवित नहीं बचा है.”
पानी की कमी से सूख गए पौधे
इस मामले में जब महापौर विक्रम आहाके से बात की गई, तो उन्होंने बड़ा अजीब तर्क दिया. जो किसी भी शहरवासी के गले नहीं उतरेगा. महापौर विक्रम आहाके का कहना है कि “जिस अजनिया टेकड़ी पर पौधरोपण किया गया था. वहां पर पानी की कमी है, जिस कारण पौधे सूख गए हैं.” हालांकि जिस टेकड़ी पर पौधरोपण हुआ था, वहां से ही माचागोरा जलाशय की पानी पाइपलाइन गुजरती है. इसके अलावा कुछ दूर पर वाटर फिल्टर प्लांट भी है, जहां से पूरे जिले को पानी की सप्लाई की जाती है.
सांसद पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस नेता ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि “एक पेड़ मां के नाम अभियान जोर-शोर से चलाया गया और सांसद बंटी विवेक साहू द्वारा फोटो सेशन भी बहुत कराया गया, लेकिन जिम्मेदारियां नहीं निभाई गई. इससे बड़ा भ्रष्टाचार क्या ही होगा कि दिखावे के लिए पौधे लगाए गए और एक भी पौधा अभी जीवित नहीं बचा है. अगर कोई जिम्मेदारी ली जाती है, तो उसे पूरा भी करना चाहिए. समय आ गया है कि जनता के सवालों का सांसद जवाब दें.
क्या है एक पेड़ मां के नाम अभियान?
5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत की थी. जिसका उद्देश्य था कि मां के नाम से कोई भी एक पेड़ लगाकर उसके संरक्षण और बचाव की जिम्मेदारी लेगा. ताकि पर्यावरण को और भी मजबूत बनाया जा सके. इस पहल को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम ऐप’ भी लॉन्च किया गया है, जो उपयोगकर्ताओं को अपनी मां के नाम पर लगाए गए पेड़ की फोटो अपलोड करने और उसके कार्बन क्रेडिट को ट्रैक करने की सुविधा देता है.