सिवनी जेल की सुरक्षा में सेंध: नाली के रास्ते फरार हुए दुष्कर्म के 3 आरोपी, परिजनों ने वापस जेल लाकर सौंपा
राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था की भारी चूक का मामला सामने आया है। यहाँ बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में बंद तीन विचाराधीन कैदी दिनदहाड़े जेल की नाली के रास्ते फरार हो गए। हालांकि, घटना के कुछ ही घंटों बाद परिजनों की सूझबूझ से तीनों आरोपियों को वापस जेल पहुँचा दिया गया।
कैसे हुई वारदात?
जानकारी के अनुसार, विचाराधीन कैदी अंकित (लखनवाड़ा), विशाल (लखनवाड़ा) और विशाल (लखनादौन) ने भागने के लिए जेल परिसर की एक नाली का सहारा लिया। दोपहर के समय जब सुरक्षाकर्मी तैनात थे, तीनों आरोपी नाली पार कर जेल की सरहद से बाहर निकलने में कामयाब रहे। जेल प्रशासन को इस बड़ी लापरवाही का पता शाम को ‘लॉकअप’ के समय कैदियों की गिनती के दौरान चला।
परिजनों ने पेश की मिसाल, खुद पकड़कर लाए
कैदियों के फरार होने की खबर मिलते ही जेल महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल डुंडासिवनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। इसी बीच जेल प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों के परिजनों से संपर्क साधा। परिजनों को कानूनी कार्रवाई और अंजाम की समझाइश दी गई, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने खुद तीनों फरार आरोपियों को ढूंढ निकाला और देर रात वापस जेल लाकर अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।
गाज गिरी: दो जेल आरक्षक निलंबित
इतनी बड़ी सुरक्षा चूक को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो जेल आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
भले ही आरोपी वापस सलाखों के पीछे पहुँच गए हों, लेकिन इस घटना ने जेल की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या जेल की नालियों और रास्तों की नियमित जांच नहीं होती?
दिनदहाड़े तीन कैदी फरार हो गए और प्रहरियों को भनक तक क्यों नहीं लगी?
क्या जेल की सुरक्षा दीवार और ड्रेनेज सिस्टम सुरक्षित नहीं हैं?
फिलहाल, तीनों आरोपियों को दोबारा जेल में दाखिल कर लिया गया है और जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।