सिवनी भाजपा में बगावत: महामंत्री पद को लेकर एससी-एसटी कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, प्रभारी के सामने नारेबाजी

राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा हाल ही में घोषित जिला कार्यकारिणी में पदों के बँटवारे को लेकर विवाद गहरा गया है। सिवनी भाजपा कार्यालय में उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब अनुसूचित जाति SC और अनुसूचित जनजाति ST वर्ग के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रभारी और जबलपुर कैंट विधायक अशोक रोहानी के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व पर ‘तानाशाही’ और ‘पक्षपात’ के गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
विवाद की मुख्य वजह: ‘बघेल’ जाति पर रार
नाराजगी का सबसे बड़ा केंद्र मुकेश बघेल को अनुसूचित जाति कोटे से जिला महामंत्री बनाया जाना है। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि:
भाजपा ने ही पूर्व में कांग्रेस के जिला पंचायत उपाध्यक्ष ब्रजेश (लल्लू) बघेल का जाति प्रमाण पत्र यह कहकर निरस्त कराया था कि ‘बघेल’ जाति अनुसूचित जाति की श्रेणी में नहीं आती।
जब शासन और प्रशासन की नजर में यह जाति एससी में नहीं है, तो फग्गन सिंह कुलस्ते और जिलाध्यक्ष मीना बिसेन के करीबी होने के नाते मुकेश बघेल को इस कोटे से पद क्यों दिया गया?
कार्यालय में हाई-वोल्टेज ड्रामा
जिला प्रभारी अशोक रोहानी के भाजपा कार्यालय पहुँचते ही एससी-एसटी मोर्चा के कार्यकर्ताओं और पूर्व पदाधिकारियों ने उन्हें घेर लिया। कार्यकर्ताओं ने लिखित आवेदन सौंपकर मांग की कि वास्तविक एससी-एसटी वर्ग के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को महामंत्री पद पर जगह दी जाए।
> “नारेबाजी की बजाय सीधे बात कर सकते थे, इस तरह का प्रदर्शन ठीक नहीं है।”
> अशोक रोहानी, भाजपा जिला प्रभारी नाराज कार्यकर्ताओं को जवाब देते हुए
दिग्गजों की नाराजगी
इस विरोध प्रदर्शन में केवल कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि कई पूर्व जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हैं। उनका मानना है कि जिले में एससी-एसटी वर्ग की उपेक्षा से आने वाले समय में पार्टी को नुकसान हो सकता है।
प्रतिक्रियाएँ
आशीष माना ठाकुर जिला अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा उन्होंने स्पष्ट रूप से पक्षपात का आरोप लगाते हुए मूल एससी-एसटी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की बात कही।
अशोक रोहानी सिवनी भाजपा प्रभारी उन्होंने अनुशासन का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन न करने की हिदायत दी, हालांकि शिकायत सुनने का आश्वासन भी दिया।






