सिवनी

सिवनी में गहराता जल संकट: प्रशासन की सुस्ती और ‘बेखौफ’ चलती बोरिंग मशीनों ने बढ़ाई चिंता

राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी | मार्च का महीना आधा बीतते ही जिले में भीषण जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। एक ओर जहाँ ग्रामीण अंचलों में जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय सहित शहरी क्षेत्रों में  बोरिंग का कारोबार बेखौफ जारी है। विडंबना यह है कि प्रशासन ने अब तक बोरिंग मशीनों के संचालन पर कोई औपचारिक प्रतिबंध नहीं लगाया है, जिससे भूजल के अंधाधुंध दोहन ने खतरे की घंटी बजा दी है।
पाताल की ओर भागता जलस्तर
जिले में इस बार समय से पहले गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में शहर के कई इलाकों में निजी बोरवेल दम तोड़ने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि इसी गति से भूजल निकाला गया, तो मई-जून आने तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
अवैध बोरिंग: नियम ताक पर, मशीनें सड़कों पर
शहर के विभिन्न वार्डों में रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि अब तो दिनदहाड़े भी बोरिंग मशीनें गरजती देखी जा सकती हैं।
  अनुमति का अभाव: बिना किसी विभागीय एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से नए बोरवेल खोदे जा रहे हैं।
  प्रशासनिक मौन: हर साल इस समय तक जिला कलेक्टर द्वारा ‘पेयजल संरक्षण अधिनियम’ के तहत निजी बोरिंग पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, लेकिन इस वर्ष अब तक ऐसी किसी सख्ती की कमी महसूस की जा रही है।
  मुनाफाखोरी: पानी की कमी के डर से लोग ऊंचे दामों पर बोरिंग करा रहे हैं, जिससे भूजल का दोहन व्यापार बन चुका है।
संकट की मुख्य वजहें
 कम वर्षा का प्रभाव: पिछले मानसून में औसत से कम वर्षा के कारण जल स्रोत पूरी तरह रिचार्ज नहीं हो पाए।
  टैंकर माफिया का सक्रिय होना: पाइपलाइन की अनियमित सप्लाई का फायदा उठाकर टैंकर माफिया सक्रिय हो गए हैं।
  नदियों का सूखना: जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली छोटी नदियाँ और नाले मार्च की शुरुआत में ही सूखने की कगार पर हैं।
 “प्रशासन को तुरंत जिले को जल अभावग्रस्त घोषित कर नई बोरिंग पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। यदि अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आम जनता को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा।” — स्थानीय जागरूक नागरिक
सिवनी की जनता अब जिला प्रशासन की ओर देख रही है। मांग की जा रही है कि:
  धारा 144 के तहत निजी बोरिंग पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
  अवैध रूप से चल रही बोरिंग मशीनों को जब्त किया जाए।
  नगर पालिका द्वारा जल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button