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UP Voter List 2026: यूपी में आज जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट, सपा ने चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप

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उत्तर प्रदेश में आज शुक्रवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की ओर से जारी की जाने वाली इस लिस्ट में करीब 7 लाख वोटर्स के नाम कटने की संभावना है. फाइनल लिस्ट आने से पहले ही प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी से मिला हुआ है और फर्जी वोट बढ़ाने की साजिश रच रहा है.

कई महीने चली SIR प्रक्रिया के बाद अब उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने जा रहा है, लेकिन इससे पहले समाजवादी पार्टी (SP) ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया है. सपा ने सोशल मीडिया पर कहा, “चुनाव आयोग पूरी तरह से बीजेपी से मिला हुआ है, और वह PDA के वोट काटने तथा भाजपाइयों के फर्जी वोट बढ़ाने की साजिश रच रहा है.”

सबूत जुटाएं कार्यकर्ताः SP

पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा, “सभी कार्यकर्ता सतर्क रहें. सबूत एकत्र करें और इसे पार्टी दफ्तर पर जमा करें, जिससे जनता और कोर्ट में इन भाजपाइयों और चुनाव आयोग की बेईमानी का पर्दाफाश होगा.” उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा आज दोपहर आधिकारिक रूप से इस लिस्ट को जारी करेंगे. यह फाइनल लिस्ट जिला निर्वाचन कार्यालयों, तहसील स्तर पर और आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी.

इस बीच फाइनल वोटर लिस्ट के बारे में सूत्रों का दावा है कि फाइनल लिस्ट में कुल 13.35 करोड़ वोटर्स के नाम दर्ज किए जाएंगे. 6 जनवरी को जारी वोटर लिस्ट ड्राफ्ट में 12.55 करोड़ वोटर्स थे, जिनमें 6.88 करोड़ पुरुष और 5.67 करोड़ महिलाएं शामिल थीं. अब फॉर्म-6, फॉर्म-7 और अलग-अलग जांच के बाद करीब 80 लाख नए नाम जुड़ने और 7 लाख नाम कटने के बाद अंतिम आंकड़ा 13.35 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है.

चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नाम काटे जाने वाले वोटर्स में सबसे ज्यादा संख्या उन लोगों की है, जिनके नाम का मिलान माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी से नहीं हो सका. इस मामले में 1.04 करोड़ वोटर्स को नोटिस भेजा गया था. इसके अलावा 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं जबकि 3.18 लाख लोगों ने खुद फॉर्म-7 भरकर अपना नाम लिस्ट से हटवाने का अनुरोध किया था.

पश्चिमी UP से ज्यादा नाम कटेंगे!

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नाम कटने की संख्या सबसे ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है. फाइनल लिस्ट में पुरुष वोटर्स की संख्या महिलाओं से ज्यादा रहेगी. फॉर्म-6 नाम जुड़वाने में 86.69 लाख आवेदनों में 43.06 लाख पुरुषों के और 43.62 लाख महिलाओं के थे. फॉर्म-7 भरकर नाम कटवाने या हटवाने को लेकर 3.18 लाख आवेदन किए गए थे. नोटिस प्राप्त करने वाले वोटर्स में भी लिंग के आधार पर कोई बड़ा अंतर नहीं है.

6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट लिस्ट पर 6 मार्च तक दावे और आपत्तियां ली गईं. इस दौरान कुल 86.69 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरकर नया नाम जोड़ने की मांग की, जबकि 3.18 लाख ने फॉर्म-7 से नाम हटवाने की अपील की. चुनाव आयोग ने इन सभी आवेदनों और नोटिसों की गहन जांच के बाद फाइनल लिस्ट तैयार की है.

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