अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है। इस दौरान लगातार बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा ने इस घटना पर दुख जताते हुए इसे ‘कलंक’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि दशकों के संघर्ष के बाद राम लला अपने स्थान पर विराजे हैं, ऐसे में मंदिर परिसर में चोरी जैसी घटना का होना हम सभी के लिए शर्मिंदगी का विषय है।
🛠️ “व्यवस्था में होगा सुधार”
नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि CEO की नियुक्ति के लिए उच्चतम स्तर की एक कमिटी बनाई गई है और ट्रस्ट जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि मंदिर की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
🏗️ अयोध्या में निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा
नृपेंद्र मिश्रा शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन प्रवेश द्वार, परकोटा क्षेत्र, यात्री सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों से प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
📑 प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी नई व्यवस्था
परिसर में चल रहे कार्यों की प्रगति के साथ-साथ नृपेंद्र मिश्रा ने हाल ही में लागू की गई नई प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर में श्रद्धालु सुविधाओं को बेहतर बनाना और निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।
🤝 उच्चस्तरीय बैठक: ट्रस्ट की अहम रणनीति
शनिवार, 11 जुलाई को नृपेंद्र मिश्रा राम कथा संग्रहालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक की खास बात यह है कि ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन पहली बार आधिकारिक रूप से किसी समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, निर्माण कार्यों के साथ-साथ मंदिर परिसर की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक बदलावों पर इस बैठक में कड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
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