इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर शहर के राजनगर में ऑटो चालक विजय राव की हाथी के हमले में हुई दर्दनाक मृत्यु के प्रकरण में पुलिस एवं वन विभाग दोनों ही स्तरों पर त्वरित एवं सख्त कानूनी कार्यवाही जारी है।
घटना के तत्काल पश्चात चंदन नगर थाना पुलिस ने हाथी के महावत एवं उसके साथ उपस्थित अन्य साधुओं के विरुद्ध गंभीर आपराधिक धाराओं में प्रकरण पंजीकृत कर लिया। तत्पश्चात सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत के अंतर्गत जेल भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, हाथी की सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखरेख को लेकर वन विभाग ने भी विशेष प्रशासनिक प्रबंध किए हैं।
🐘 इंदौर शहर की सीमा से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध, वन विभाग के कड़े निर्देश
घटना के उपरांत चंदन नगर पुलिस ने हाथी की सुरक्षा एवं रखरखाव से संबंधित औपचारिक पत्र वन विभाग को प्रेषित किया था।
पत्र प्राप्ति के बाद वन विभाग की विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुँचकर हाथी की शारीरिक स्थिति का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। विभाग ने वर्तमान में हाथी की भौतिक सुपुर्दगी उसके महावत और साधुओं के पास ही रहने दी है, परंतु उसकी देखरेख एवं नियंत्रण की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी स्वयं अपने पास रखी है। वन विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि जब तक यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब तक हाथी को इंदौर शहर की भौगोलिक सीमा से बाहर नहीं ले जाया जाएगा। इसके साथ ही हाथी के खान-पान, स्वास्थ्य एवं व्यवहार की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
🛡️ हाथी की देखभाल में बरती जा रही विशेष सतर्कता, नियमित निरीक्षण जारी
वर्तमान में जिस स्थान पर हाथी को रखा गया है, वहाँ महावत और साधु पूरी सजगता के साथ उसकी देखरेख में जुटे हुए हैं।
हाथी को समय पर पौष्टिक भोजन एवं स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि उसे किसी भी प्रकार के कोलाहल या उत्तेजनात्मक माहौल का सामना न करना पड़े, जिससे वह तनाव में आए। वन विभाग के पशु चिकित्सक एवं अधिकारी भी समय-समय पर पहुँचकर हाथी के स्वास्थ्य और व्यवहार का निरीक्षण कर रहे हैं।
🎬 जांच में सामने आया कारण: हैदराबाद में फिल्म की शूटिंग से लौटते समय नांदेड़ में पैदल चला था हाथी
प्रारंभिक विवेचना में घटना से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुआ है।
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, हाथी को कुछ समय पूर्व तेलंगाना के हैदराबाद में एक फिल्म की शूटिंग हेतु ले जाया गया था। शूटिंग संपन्न होने के पश्चात जब उसे मालवाहक ट्रक के माध्यम से उज्जैन वापस लाया जा रहा था, तब महाराष्ट्र के नांदेड़ के समीप ट्रक का टायर पंचर हो गया। इस दौरान हाथी को ट्रक से नीचे उतारा गया, परंतु बाद में उसने पुनः ट्रक पर चढ़ने से मना कर दिया। ऐसी विकट स्थिति में महावत और साधुओं को मजबूरीवश हाथी को कई किलोमीटर तक पैदल चलाना पड़ा। अधिकारियों का मानना है कि अत्यधिक लंबी दूरी तक पैदल चलने और भीषण यात्रा की थकान के कारण हाथी गंभीर रूप से तनावग्रस्त और चिड़चिड़ा हो गया था।
💬 “मानसिक तनाव व उत्तेजना में किया हमला, विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी अग्रिम कार्रवाई”: जांच अधिकारी
“विवेचना अधिकारियों का मानना है कि नांदेड़ की कठिन यात्रा के बाद से ही हाथी का व्यवहार असामान्य और चिड़चिड़ा बना हुआ था। आशंका है कि घटना वाले दिन वह अचानक किसी कारणवश उत्तेजित हो गया और उसने राह से गुजर रहे ऑटो चालक विजय राव को सूंड से पकड़कर सड़क पर दे पटका और कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। फिलहाल चंदन नगर पुलिस विस्तृत जांच कर रही है और वन विभाग की विशेषज्ञ टीम हाथी के व्यवहार पर निरंतर नजर बनाए हुए है।”
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