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अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को मिली हाईकोर्ट से पैरोल, छोटे भाई आबान के जनाजे में होंगे शामिल

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प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): माफिया अतीक अहमद के परिवार से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधिक खबर सामने आई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय (High Court) ने जेल में बंद अतीक अहमद के दोनों बेटों—मोहम्मद उमर और अली अहमद की पैरोल अर्जी स्वीकार कर ली है। इस आदेश के उपरांत दोनों भाई अपने सबसे छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे तथा सुपुर्द-ए-खाक की रस्म (मिट्टी देने) में सम्मिलित हो सकेंगे। अदालत ने अपने आदेश में सख्त हिदायत दी है कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों में से कोई भी मीडिया संस्थान या संवाददाताओं से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं करेगा।

⚖️ अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने हेतु याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से मांगी थी अनुमति

जेल में निरुद्ध मोहम्मद उमर और अली अहमद ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में त्वरित पैरोल याचिका दाखिल कर छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे में सम्मिलित होने की मानवीय अनुमति मांगी थी।

अदालत ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए याचिका को स्वीकार किया और सीमित समयावधि के लिए सशर्त पैरोल देने का निर्देश जारी किया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में दोनों भाइयों को कड़े सुरक्षा घेरे के बीच प्रयागराज लाया जा रहा है।

🚑 झांसी से पोस्टमार्टम के पश्चात शव लेने पहुंचा था भाई अजहम अहमद

इससे पूर्व झांसी में हुए भीषण सड़क हादसे में असामयिक मृत्यु के शिकार हुए आबान अहमद का पार्थिव शरीर प्राप्त करने हेतु उसका भाई अजहम अहमद झांसी पहुंचा था।

झांसी में पोस्टमार्टम एवं अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को निष्पादित करने के उपरांत पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा। इस दौरान अजहम ने भावुक होकर मीडिया से अपील की थी कि उसके दोनों बड़े भाइयों को अंतिम संस्कार में भाग लेने हेतु जेल से रिहा/पैरोल दी जाए।

🏠 प्रयागराज पहुंचा आबान अहमद का पार्थिव शरीर, बुआ के घर पर अंतिम दर्शन हेतु उमड़े लोग

झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में आबान अहमद तथा उसके सहयोगी शाकिर उर्फ सोनू की असामयिक मृत्यु हो गई थी।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न होने के उपरांत दोनों के शव एम्बुलेंस के माध्यम से प्रयागराज लाए गए। वर्तमान में आबान का शव हटवा स्थित उसकी बुआ के आवास पर रखा गया है, जहां रिश्तेदार, परिजन एवं निकटवर्ती लोग अंतिम दर्शन कर रहे हैं।

🕌 कसारी-मसारी कब्रिस्तान में जुमे की नमाज के बाद सुपुर्द-ए-खाक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आबान अहमद के शव को जुमे की नमाज के उपरांत कसारी-मसारी स्थित ऐतिहासिक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इसी कब्रिस्तान में पूर्व से ही उसके पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ अहमद तथा बड़े भाई असद अहमद की कब्रें अवस्थित हैं। आबान की कब्र भी इन्हीं कब्रों के समीप खोदी गई है। जनाजे और अंतिम संस्कार को दृष्टिगत रखते हुए कब्रिस्तान परिसर तथा आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस व पीएसी (PAC) के कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि शांति व कानून-व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे।

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