हरियाणा में टली बिजली कर्मचारियों की हड़ताल: ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ बैठक में बनी सहमति, हड़ताल वापस
चंडीगढ़: हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच जारी गतिरोध के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कैबिनेट ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान बड़ा फैसला लिया गया है। मंत्री अनिल विज के साथ हुई इस सफल वार्ता के उपरांत बिजली कर्मचारी यूनियनों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता हुई है और उन्होंने विश्वास दिलाया है कि अब प्रदेश में कोई हड़ताल नहीं की जाएगी।
⚡ आज रात से 13 अगस्त तक प्रस्तावित थी 3 दिवसीय हड़ताल, इन प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
उल्लेखनीय है कि बिजली कर्मचारी यूनियनों ने आज मध्यरात्रि (11 अगस्त) से 13 अगस्त तक पूरे प्रदेश में 3 दिवसीय हड़ताल एवं पूर्ण कार्य बहिष्कार का आह्वान किया था।
कर्मचारी संगठन निजी कंपनियों को पैरेलल लाइसेंसिंग देने के विरोध, एग्री डिस्कॉम (Agri Discom) के गठन तथा प्रदेश भर में तेजी से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर्स (Smart Metering) की नीति सहित कई नीतिगत मांगों को लेकर राज्य सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।
👷 ठेका कर्मियों को नियमित करने, समान काम-समान वेतन और जोखिम भत्ते पर सरकार ने दिया सकारात्मक आश्वासन
नीतिगत विषयों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग व अनुबंध (ठेका) प्रथा के तहत कार्यरत कर्मचारियों के सेवा हितों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर भी अनिल विज ने गंभीर मंथन किया।
वार्ता में ठेका कर्मचारियों को नियमित (पक्का) करने, ‘समान काम-समान वेतन’ का सिद्धांत लागू करने, जान जोखिम में डालकर काम करने वाले फील्ड स्टाफ के लिए जोखिम भत्ता स्वीकृत करने तथा एक्स-ग्रेशिया रोजगार योजना में लगाई गई कड़ी शर्तों को हटाने जैसी मांगों पर चर्चा हुई। सरकार ने इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
🤝 अनिल विज की पहल पर बुलाई गई थी आपात बैठक, वार्ता सफल होने से प्रदेशवासियों को मिली बड़ी राहत
विद्युत क्षेत्र से जुड़े इस बड़े विवाद और 11 से 13 अगस्त तक होने वाली 3 दिवसीय हड़ताल की घोषणा के बीच, राज्य सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में त्वरित पहल की थी।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारी संगठनों तथा अभियंताओं (Engineers) को चंडीगढ़ में वार्ता की मेज पर आमंत्रित किया था। पूरे प्रदेश की नजरें अनिल विज की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई थीं। बैठक में सकारात्मक निष्कर्ष निकलने और हड़ताल वापस होने से राज्य भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रहेगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
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