यमुनानगर में अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में सड़कों पर उतरे किसान: जगाधरी मंडी में प्रदर्शन के बाद दी गिरफ्तारियां
यमुनानगर (हरियाणा): हरियाणा के यमुनानगर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और अमेरिका के मध्य प्रस्तावित संभावित ‘ट्रेड डील’ (व्यापार समझौते) के विरोध में किसान संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) एवं भारतीय किसान यूनियन (BKU – टिकैत गुट) के राज्यव्यापी आह्वान पर सैकड़ों किसानों ने जगाधरी की अनाज मंडी में एकत्र होकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। तत्पश्चात किसानों ने पूर्वनियोजित ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत सामूहिक रूप से अपनी गिरफ्तारियां दीं।
👮 पुलिस छावनी में तब्दील हुआ मंडी परिसर, DSP रजत गुलिया और राजीव मिगलानी की मौजूदगी में बसों में ले जाए गए किसान
उग्र प्रदर्शन की संभावना को भांपते हुए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा जगाधरी अनाज मंडी के मुख्य द्वारों को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सुरक्षा के दृष्टिगत भारी संख्या में पुलिस बल और बैरिकेड्स तैनात किए गए थे। संपूर्ण स्थिति एवं कानून व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखने हेतु डीएसपी (DSP) रजत गुलिया और डीएसपी राजीव मिगलानी स्वयं भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों को मौके से हिरासत में लिया और विशेष सरकारी बसों में भरकर पुलिस लाइन भिजवा दिया।
🌾 “खेती और आमदनी पर पड़ेगा सीधा असर”: अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर भड़के किसान
प्रदर्शनकारी किसान नेताओं का सीधा आरोप है कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि व व्यापारिक समझौतों का प्रत्यक्ष एवं प्रतिकूल प्रभाव भारतीय कृषि व्यवस्था तथा स्थानीय किसानों की आय पर पड़ेगा।
इसी संभावित खतरे के विरोध में किसान संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जगाधरी मंडी में सुबह से ही बैनर-झंडों के साथ किसानों का जुटना प्रारंभ हो गया था। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार विरोधी गगनभेदी नारे लगाए और देश के कृषि व किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
🗣️ “तानाशाही सरकार किसानों को मजदूरी पर मजबूर कर रही”: यमुनानगर BKU जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर का तीखा हमला
जेल भरो आंदोलन के दौरान भाकियू (टिकैत) के यमुनानगर जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने राज्य व केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, “यह सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर किसानों की न्यायसंगत आवाज को दबाने का कुत्सित प्रयास कर रही है। ऐसी नीतियों के जरिए किसानों को कॉरपोरेट घरानों के अधीन मजदूरी करने पर मजबूर किया जा रहा है।” सुभाष गुर्जर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अपने अधिकारों व अस्तित्व की रक्षा हेतु किसानों को अनिश्चितकालीन सड़क संग्राम पर उतरना पड़ा, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
⚠️ गिरफ्तारियों के बाद पुलिस की सघन निगरानी जारी, किसान-सरकार टकराव बढ़ने के संकेत
किसान नेताओं की गिरफ्तारियों के पश्चात भी पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जगाधरी मंडी और आसपास के क्षेत्रों में गश्त व सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक कड़ी रखी है।
अब मुख्य प्रश्न यही उठता है कि अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा प्रारंभ किया गया यह जन-आंदोलन आगामी दिनों में क्या रुख अख्तियार करता है और सरकार किसानों की इन आशंकाओं पर क्या रुख अपनाती है। यमुनानगर में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर सरकार और किसान यूनियनों के मध्य नए टकराव की नींव रख दी है।
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