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Ganeshotsav 2026: मुंबई के किंग्स सर्कल में विराजे ‘गोल्डन गणपति’, 14 से 18 सितंबर तक होगा भव्य 5 दिवसीय गणेशोत्सव

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मुंबई (महाराष्ट्र): मुंबई के माटुंगा, किंग्स सर्कल स्थित प्रतिष्ठित ‘GSB सेवा मंडल’ ने अपने 72वें गणेशोत्सव से पूर्व भगवान महागणपति के अलौकिक ‘विराट दर्शन’ की पहली झलक का अनावरण कर दिया है।

देश के सबसे समृद्ध और भव्य गणेश पंडालों में शुमार इस मंडल की महागणपति प्रतिमा को 66 किलोग्राम से अधिक शुद्ध स्वर्ण, 335 किलोग्राम चांदी और अनमोल बहुमूल्य रत्नों से आभूषित किया गया है। यह दिव्य प्रतिमा आस्था, अटूट भक्ति और पारंपरिक भव्यता का अनूठा प्रतीक मानी जाती है। मंडल के आध्यात्मिक इतिहास में अब तक 1 लाख से अधिक विशेष पूजाएं और अनुष्ठान संपन्न कराए जा चुके हैं।

🛡️ 703.27 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बीमा कवर: पिछले सभी रिकॉर्ड टूटे

सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन के कड़े इंतजाम:

  • रिकॉर्ड तोड़ इंश्योरेंस: इस वर्ष महागणपति की बहुमूल्य प्रतिमा, आभूषणों, पंडाल परिसर, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 703.27 करोड़ रुपये का विशाल बीमा कवर (Insurance Cover) लिया गया है।

  • लगातार बढ़ता सुरक्षा दायरा: पिछले वर्षों की तुलना में यह बीमा राशि कई गुना अधिक है; मंडल ने वर्ष 2025 में ₹474 करोड़ और वर्ष 2024 में ₹400 करोड़ का बीमा कवर कराया था।

  • श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा: 72वें वर्ष के पावन अवसर पर लाखों भक्तों के आगमन की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

🍲 प्रतिदिन 40 हजार भक्तों को महाप्रसाद: 2 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचेगा अन्नदान

सेवा और अन्नदान की पवित्र परंपरा:

  • अन्नदान को सर्वोच्च प्राथमिकता: GSB सेवा मंडल की आध्यात्मिक परंपरा में सेवा और अन्नदान को प्रमुख स्थान प्राप्त है।

  • दैनिक भोजन वितरण: उत्सव के दौरान संचालित विशाल अन्नदान रसोई के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 40,000 श्रद्धालुओं को शुद्ध व सात्विक भोजन (महाप्रसाद) वितरित किया जाता है।

  • महाउत्सव का लक्ष्य: पूरे पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान 2 लाख से अधिक लोगों तक निःशुल्क भोजन प्रसादी पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

🌱 पर्यावरण संरक्षण की नई पहल: पेपरलेस हुई दान प्रक्रिया, डिजिटल रसीदें लागू

इको-फ्रेंडली और आधुनिक व्यवस्थाएं:

  • डिजिटल व्यवस्था: पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंडल ने इस बार पारंपरिक प्रिंटेड और कागजी रसीद प्रणाली को पूरी तरह बंद कर दिया है।

  • कागज की बचत: पूजा, सेवा और दान से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को 100 प्रतिशत डिजिटल कर दिया गया है, जिससे कागज की बर्बादी रुके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।

  • आधुनिक सुविधाएं: श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए कतार प्रबंधन, डिजिटल डिस्प्ले और ऑनलाइन सेवा बुकिंग की व्यवस्था की गई है।

📅 14 से 18 सितंबर 2026 तक मनेगा मुख्य उत्सव: पांच दिनों तक दर्शन

महोत्सव की तिथियां और परंपरा:

  • पांच दिवसीय महाउत्सव: मंडल का मुख्य 72वां गणेशोत्सव सोमवार, 14 सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 तक पूर्ण विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मनाया जाएगा।

  • भव्य विसर्जन: पारंपरिक मर्यादाओं के अनुरूप पांच दिनों के सघन धार्मिक अनुष्ठान और दर्शन लाभ के पश्चात 18 सितंबर को बप्पा का विसर्जन संपन्न होगा।

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