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Amit Satam Statement: मनोज जरांगे से त्योहारों पर मुंबई कूच टालने की अपील, राज ठाकरे और विपक्ष पर साधा तीखा निशाना

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मुंबई (महाराष्ट्र): हिंदू धार्मिक आयोजनों और त्योहारों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रही बहसों के बीच मुंबई बीजेपी नेता अमित साटम का बड़ा बयान सामने आया है।

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदू समाज स्वभाव से अत्यंत सहिष्णु रहा है और ऐतिहासिक रूप से सभी वर्गों के लोग त्योहारों में शामिल होते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में एक ऐसा नया ट्रेंड देखने को मिला है जो सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों में पंडालों व गरबा स्थलों पर सख्त नियमों की मांग स्वयं समाज के भीतर से उठी है और माता-बहनों की सुरक्षा एक अत्यंत गंभीर व प्राथमिक विषय है, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।

🙏 मनोज जरांगे से आंदोलन पर पुनर्विचार की अपील: ‘गणेशोत्सव के दौरान न हो मुंबई कूच’

मराठा आरक्षण आंदोलन और त्योहारों की मर्यादा:

  • मुंबई कूच का फैसला टालने की विनती: अमित साटम ने मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटिल से भावुक अपील की कि वर्तमान में मुंबई और समूचे महाराष्ट्र में गणेशोत्सव और अन्य प्रमुख हिंदू त्योहारों का पावन माहौल है।

  • आम जनता की सहूलियत: उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु और आम नागरिक त्योहारों में व्यस्त हैं, ऐसे में मुंबई कूच जैसे कदमों से आम जनता को भारी असुविधा और यातायात संकट का सामना करना पड़ सकता है।

  • सरकार के कदमों का उल्लेख: साटम ने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस सरकार और वर्तमान महायुति सरकार ने मराठा समुदाय के उत्थान और अधिकारों के लिए जितना कार्य किया है, उतना पूर्व की किसी सरकार ने नहीं किया।

💼 BRICS और अर्थव्यवस्था पर विपक्ष पर तंज: ‘राहुल-उद्धव को जॉइन करनी चाहिए इकोनॉमी की क्लास’

वैश्विक सम्मेलन और अर्थव्यवस्था पर विपक्षी बयानों की आलोचना:

  • अर्थव्यवस्था की समझ का अभाव: ब्रिक्स (BRICS) और आर्थिक नीतियों को लेकर विपक्षी नेताओं पर प्रहार करते हुए साटम ने कहा कि राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे जैसे नेताओं को अर्थव्यवस्था की बेसिक क्लास जॉइन करनी चाहिए।

  • शशि थरूर का दिया उदाहरण: उन्होंने कहा कि जो जमीनी आर्थिक सच्चाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर समझ रहे हैं, उतनी समझदारी विपक्ष के बाकी प्रमुख चेहरों को भी दिखानी चाहिए।

⚖️ दिशा सालियान मामले में CBI जांच पर रुख: ‘बदले की भावना नहीं, पर दोषी बचे भी नहीं’

हाईकोर्ट के आदेश और आपराधिक न्याय पर पार्टी की भूमिका:

  • न्यायिक आदेश का सम्मान: दिशा सालियान मृत्यु प्रकरण में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई (CBI) जांच के आदेश पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए।

  • निष्पक्ष कार्रवाई: साटम ने कहा, “हमारी पार्टी का स्पष्ट सिद्धांत है कि किसी के खिलाफ बदले या द्वेष की भावना से कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन यदि किसी ने अपराध किया है तो वह कानून के शिकंजे से बचना भी नहीं चाहिए।”

🎂 प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर ‘सेवा संकल्प अभियान’: महीने भर चलेंगे सामाजिक कार्य

जनसेवा और जनभागीदारी का विस्तृत खाका:

  • महीने भर का महाअभियान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मुंबई भर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का व्यापक आगाज किया जाएगा।

  • कल्याणकारी कार्यक्रम: इस अभियान के अंतर्गत महानगर के विभिन्न मंडलों में स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, स्वच्छता अभियान और निर्धन सहायता से जुड़े विविध सामाजिक कार्यक्रम पूरे एक महीने तक संचालित होंगे।

🎯 हिंदी सम्मेलन पर राज ठाकरे पर पलटवार: ‘बेटों को कॉन्वेंट में पढ़ाया, भाषा पर उपदेश ढोंग है’

भाषाई राजनीति और विरोधियों के दोहरे मापदंड पर तीखा हमला:

  • दोहरे चरित्र का आरोप: हिंदी सम्मेलन और भाषा के मुद्दे पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे की बयानबाजी पर पलटवार करते हुए अमित साटम ने तीखा तंज कसा।

  • स्कूली शिक्षा का हवाला: उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपने बच्चों को बॉम्बे स्कॉटिश जैसे प्रतिष्ठित अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाया, घर में फ्रेंच और जर्मन भाषाएं सिखाईं और पोते का दाखिला कहाँ कराया है यह जगजाहिर है, उन्हें हिंदी या मराठी के नाम पर दूसरों को भाषण देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है; यह केवल राजनीतिक ढोंग है।

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