बुरहानपुर: मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश कई लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई. जहां इस बारिश से पककर तैयार धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है. वहीं व्यापारियों को भी नुकसान पहुंचा है. बुरहानपुर की रेणुका कृषि उपज मंडी में सुखाने के लिए खुले आसमान में रखा गया करीब 250 क्विंटल मक्का बारिश की भेंट चढ़ गया. इससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है. वो अब मंडी प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं. प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश से मक्का सहित कई फसलों का भारी नुकसान हुआ है.
सूखने के लिए मंडी परिसर में फैलाया गया था मक्का
रेणुका कृषि उपज मंडी में 7 व्यापारियों ने किसानों से मक्का खरीदकर मंडी परिसर में खुले आसमान के नीचे सूखने के लिए छोड़ा था, लेकिन गुरुवार की देर रात अचानक तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश एकाएक आई जिससे व्यापारियों को मक्का ढकने का मौका भी नहीं मिला. बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरे मंडी परिसर में लबालब पानी भर गया. मंडी परिसर में सूखने के लिए रखा गया करीब 250 क्विंटल मक्का मंडी के बगल में बने नाले में बह गया. इससे व्यापारियों को लाखों का नुकसान हो गया.
व्यापारी विट्ठल उदलकर ने बताया कि “मंडी परिसर में हमने मक्का सुखाने के लिए रखा था. इस दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे करीब 250 क्विंटल मक्का बह गया है. व्यापारियों का करीब 3 लाख का नुकसान हुआ है. हमारी प्रशासन से मांग है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए व्यापारियों को मुआवजा दिया जाए.”
मामले की सूचना मिलते ही मंडी सचिव भूपेंद्र सिंह सोलंकी मौके पर पहुंचे. उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और कहा, “किसान भाई मक्का सहित जो भी फसल बेचने के लिए मंडी लाते हैं उसमें 30-40 फीसदी तक नमी रहती है. जिससे व्यापारियों को सुखाने के लिए फसल को खुले में छोड़ना पड़ता है. ये नुकसान भी इसी वजह से हुआ है. हम किसानों से अपील करते हैं कि वो फसल सुखाकर ही मंडी में बेचने ले आए. ताकि नमी की समस्या न हो और व्यापारियों को सुखाने के लिए फसल को फैलाने की जरूरत न पड़े.”
प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों को भारी नुकसान
प्रदेश के कई हिस्सों में खेत में कटाकर छोड़े गए मक्के बारिश की वजह से खराब हो गए. विदिशा के गंजबासौदा में सैकड़ों एकड़ मक्का की फसल बर्बाद हो गई. किसानों ने सूखने के लिए काटकर खेत में छोड़ दिया था, लेकिन अचानक भारी बारिश और फिर धूप न निकलने की वजह से मक्का खराब हो गया. उसमें अंकुरण आ गया. इसी तरह नर्मदापुरम के इटारसी में भारी बारिश से पककर तैयार धान और मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है. इटारसी में 30 अक्टूबर को 2.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.
मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ज्यादा नुकसान
इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा नुकसान मालवा-निमाड़ अंचल के किसानों का हुआ है. इससे खरगोन, बड़वानी, खंडवा में कपास की फसल को काफी नुकसान हुआ है. खेतों में कटी पड़ी सोयाबीन और मक्का की फसल भी प्रभावित हुई है. कहीं-कहीं तो अंकुरण होने लग गया है. प्रदेश के कई हिस्सों में उड़द की फसल को भी नुकसान पहुंचा है.