ब्रेकिंग
छिंदवाड़ा में ठहाकों का 71वां साल! जब कवियों के व्यंग्य बाणों के सामने नेता भी हुए बेबस, प्रेमिका पर... Jabalpur News: जबलपुर में रजिस्ट्री और लीज का अजब-गजब खेल, अंग्रेजों के पुराने कानून से जनता बेहाल BJP Leader Death: एंबुलेंस के फर्श पर तड़पते रहे खून से लथपथ बीजेपी नेता, इलाज के दौरान मौत; ड्राइवर... MP News: सीधी के फाग गीतों में चढ़ा राजनीति का रंग, पीएम मोदी और स्थानीय सांसद पर लोक गायकों ने बांधे... दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर: राजघाट की ओर जाने वाले ये 5 मुख्य मार्ग प्रभावित, ट्रैफिक जाम से बचने... Bengaluru News: शादी के बाद पति के लिए छोड़ी नौकरी, फिर ससुराल में प्रताड़ना; बेंगलुरु में पूर्व महि... IND vs ENG Semifinal: वानखेड़े में इंग्लैंड से हिसाब चुकता करेगी टीम इंडिया? जानें सेमीफाइनल का पूरा... Bhooth Bangla: सेमीफाइनल से पहले अक्षय कुमार ने टीम इंडिया को दिया खास 'गुड लक', शिखर धवन के साथ की ... Punjabi Youtuber Killed in Canada: मशहूर यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, हमलावरों ने घर में घुसकर ... ईरान हमले में भारत का नाम! क्या सच में अमेरिकी सेना ने किया भारतीय पोर्ट का उपयोग? विदेश मंत्रालय का...
विदेश

नस्‍लीय हिंसा पर सख्‍त हुए ट्रंप, 1807 के कठोर अधिनियम का दिखाया भय, जानें- क्‍या है ये एक्‍ट

वाशिंगटन। अमेरिका में जारी नस्‍लीय हिंसा के बीच राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सेना के उपयोग के संकेत दिए है। उन्‍होंने कहा कि इस समस्‍या के जल्‍द समाधान के लिए देशभर में सेना की तैनाती के लिए वह 1807 कानून लागू कर रहे हैं। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि राजधानी वाशिंगटन की सुरक्षा के लिए मैं  एक निर्णायक कार्रवाई कर रहा हूं। उन्‍होंने कहा कि इस बर्बरता पूर्ण हमले को रोकने के लिए और देश की संपत्ति की रक्षा के लिए वाशिंगटन में हजारों सशस्‍त्र बलों के साथ सेना की तैनाती करेंगे।

क्‍या है  1807 का अधिनियम

  • अमेरिका का यह अधिनियम अमेरिकी राष्‍ट्रपति को विशेष शक्तियां प्रदान करता है। 1807 के विद्रोह अधिनियम के तहत देश में विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्‍ट्रपति अमेरिकी शहरों में सैन्‍य कार्रवाई की इजाजत दे सकता है। देश में सेना की तैनाती कर सकता है।
  • इस अधिनियम को थॉमस जेफरसन द्वारा कानून में हस्ताक्षरित किया गया था और आखिरी बार 1992 में रॉडनी किंग के दंगे के दौरान लागू किया गया था।
  • 1878 का पॉज़िट कॉमिटस एक्ट तय करता है कि संघीय सरकार अमेरिका की सीमाओं के भीतर एक सक्रिय पुलिस बल के रूप में सेना का उपयोग नहीं कर सकती है, लेकिन इस परिस्थिति में उसकी शक्ति विवादित है।
  • वाशिंगटन पोस्ट के हवाले से डैन लामोथे कहते हैं, राष्ट्रपति विशेष रूप से वाशिंगटन में सेना का उपयोग कर सकते हैं और पॉज़िट कॉमिटस एक्ट इसे नहीं रोकता है।

ट्रंप की सख्‍त चेतावनी, कानून तोड़ने की इजाजत नहीं 

उन्होंने कहा देश के राष्ट्रपति के रूप में मेरा पहला और सर्वोच्च कर्तव्य है इस महान देश की और अमेरिकी नागरिकों की रक्षा और संकट से उनका बचाव करना। मैंने अपने राष्ट्र के कानूनों को बनाए रखने की शपथ ली है और मैं वहीं करूंगा।  उन्होंने कहा कि हम हर किसी को चेतावनी दे रहे हैं। हम कोधित भीड़ को हिंसा करने की अनुमति नहीं दे सकते। ट्रंप ने आगे कहा कि उन्होंने पर्याप्त संख्या में राष्ट्रीय रक्षक तैनात करने की दृढ़ता से सिफारिश की है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाएगा। ट्रंप ने कहा जो निर्दोष जीवन के लिए संकट हैं और संपत्ति नष्‍ट करेंगे उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्‍हें हिरासत में लिया जाएगा। उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि महापौरों और राज्‍यों में राज्यपालों को कानून व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए, जब तक कि हिंसा को समाप्त नहीं कर दिया जाए।

देश में बिगड़े हालात, ट्रंप ने ली बंकर में शरण

सोमवार को प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर को देखते हुए राष्‍ट्रपति ट्रंप परिवार समेत लगभग एक घंटे तक व्‍हाइट हाउस के बंकर में रहे। प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही हिंसा और तोड़फोड़ को देखते हुए राजधानी वाशिंगटन डीसी समेत देश के 40 से अधिक शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है। वर्जीनिया और कैलिफोर्निया में सोमवार तक सभी सरकारी इमारतों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए 15 शहरों में पांच हजार नेशनल गार्ड के जवान तैनात हैं। दो हजार अतिरिक्त जवानों को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। हिंसा फैलाने के आरोप में देश भर में चार हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार लिया गया है। देश भर में हिंसक घटनाओं में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों सुरक्षा अधिकारी घायल हो चुके हैं।

Related Articles

Back to top button