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मेरे नसीब में मेरी बेटी नहीं… पुरी में जलाई गई लड़की की मौत पर छलक उठा पिता का दर्द

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19 जुलाई को बदमाशों द्वारा ओडिशा के पुरी में 15 साल की नाबालिक लड़की को कथित तौर पर जिंदा जलाए जाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. लड़की की मौत के कुछ समय बाद अब पिता का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि मेरी बेटी मेरे नसीब में ही नहीं थी.

उन्होंने आगे कहा, ” मैं किसी के ऊपर कोई उंगली नहीं उठाना चाहता हूं. चाहे हिंदू हो या मुस्लिम हो, सभी ने मेरी बेटी के लिए प्रार्थना की है. मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि मेरी बेटी मेरे नसीब में ही नहीं थी. मैं किसी को भी किसी तरह के कोई दोष नहीं देना चाहता. न ही मैं किसी से नाराज हूं. कृप्या करके इसपर कोई राजनीति न हो, मुझे और मेरे परिवार को इससे दूर रखा जाए. मुझे नहीं पता कि यह सब कैसे हुआ. जब तक वो घर पर हमारे साथ थी, सब कुछ ठीक था.”

“सरकार ने मदद की”

लड़की के चाचा का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, “हम किसी को भी दोष नहीं दे सकते हैं. सरकार ने हमारी काफी मदद की. अस्पताल के डॉक्टर और पूरे स्टाफ ने बहुत ज्यादा काम किया. सबने बहुत काम किया. किसी तरह की दिक्कत नहीं है. पिता (हिम्मत अली) कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं. वो डिप्रेशन में चले गए हैं. उन्हें देखकर हमें दुख हो रहा है.

मां ने क्या आरोप लगाया?

इस घटना में बलंगा थाने में दर्ज हुई FIR में पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि जब उनकी बेटी अपने एक नाबालिग दोस्त से मिलने के बाद घर लौट रही थी, तब तीन अज्ञात बदमाशों ने उनकी बेटी को अगवा कर उसे आग के हवाले कर दिया था.

दिल्ली एम्स में हुई दो सर्जरी

19 जुलाई को 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुकी पीड़िता को पहले पिपिली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. उसके बाद एम्स भुवनेश्वर ले जाया गया और फिर उसके अगले ही दिन दिल्ली के एम्स में लाया गया. दिल्ली के एम्स में पीड़िता की दो सर्जरी और स्किन ग्राफ्टिंग की गई. दिल्ली एम्स में ही मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ओडिशा पुलिस ने पीड़िता का बयान लिया.

मुख्यमंत्री माझी ने जताया गहरा शोक

वहीं इस घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “बलंगा इलाके की लड़की की मौत हो जाने की खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है. सरकार की तमाम कोशिशों और दिल्ली एम्स की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम के 24 घंटे की कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. मैं लड़की की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और भगवान से उसके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं.”

नेताओं की प्रतिक्रियाएं

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव और पी. परिदा और बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने नाबालिग लड़की की मौत पर गहरा शोक जताया.

ओडिशा पुलिस की अपील

ओडिशा पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “बलंगा घटना में पीड़ित लड़की की मौत की खबर से हमें बहुत दुख हो रहा है. इस घटना की जांच पुलिस ने पूरी ईमानदारी से की है. सभी से आग्रह है कि इस दुख की घड़ी में किसी भी तरह की कोई संवेदनशील टिप्पणी न करें.”

“7 दिन में दोषी नहीं पकड़े गए तो…”

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने शोक जताते हुए कहा कि अगर इस घटना के दोषियों को सात दिनों के अंदर नहीं पकड़ा गया तो हम डीजीपी कार्यालय का घेराव करेंगे. सूत्रों के मुताबिक पुरी पुलिस ने बलंगा में मृतक लड़की के घर के पास कुछ पुलिसकर्मियों को तैनात किया है.

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