राष्ट्र चंडिका न्यूज़. सिवनी। 14 नवंबर 2025 को सांदीपनि विद्यालय, सिवनी में वार्षिक ‘बाल मेला’ का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में व्यावहारिक कौशल, उद्यमशीलता और टीम भावना को विकसित करना था। बच्चों ने फलों से बने सलाद, स्मूदी और फ्रूट चाट बनाकर बिक्री की, जिसका उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों में जंक फूड के बजाय स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। यह स्टॉल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सभी दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ। प्रिंसिपल और शिक्षकगण की सक्रिय भूमिका -मेले की सफलता में प्रिंसिपल (प्राचार्य) और शिक्षकगण का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
प्राचार्य का वक्तव्य-प्राचार्य ने दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात् बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “यह बाल मेला महज मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह हमारे विद्यार्थियों के लिए एक मिनी-अर्थव्यवस्था है। यहाँ वे मूल्य निर्धारण, बजट बनाना और ग्राहकों के साथ संवाद करना सीखते हैं। हमारा विद्यालय छात्रों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा।”
शिक्षकगण का योगदान-शिक्षकगण ने बच्चों के स्टॉलों की स्थापना से लेकर उनके संचालन तक हर चरण पर सक्रिय रूप से उनका मार्गदर्शन किया।प्रधान पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों ने जिस लगन और प्रबंधन कौशल का प्रदर्शन किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों की उपस्थिति के लिए उनका आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपने बच्चों को प्रोत्साहित किया।उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि खाद्य स्टॉलों पर स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का पालन हो और शैक्षिक स्टॉलों पर प्रदर्शित विज्ञान मॉडल तकनीकी रूप से सही हों। शिक्षकगण ने जज की भूमिका भी निभाई, जिन्होंने रचनात्मकता, प्रबंधन और लाभ-हानि के आधार पर सर्वश्रेष्ठ स्टॉलों का चयन किया।
अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग-बाल मेले में बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल हुए, जिन्होंने अपने बच्चों की कड़ी मेहनत और प्रबंधन कौशल को देखा। विद्यालय के प्राचार्य ने आयोजन की सफलता का श्रेय बच्चों और मार्गदर्शन देने वाले शिक्षकों की टीम को दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों ने न केवल बिक्री की, बल्कि लाभ-हानि का लेखा-जोखा भी रखा, जो उनके व्यावहारिक ज्ञान को दर्शाता है।

अन्य प्रमुख आकर्षण-हस्तकला स्टॉल: बेकार सामग्री से बनी कलाकृतियों और सजावटी वस्तुओं की बिक्री की गई।
मनोरंजन खेल: बच्चों द्वारा आयोजित ‘टारगेट गेम’ और ‘पज़ल कॉर्नर’ में सभी ने खूब हिस्सा लिया।
मेला दोपहर 10 बजे से शाम 3 बजे तक सफलतापूर्वक चला। अंत में, प्रिंसिपल और शिक्षकगण द्वारा सर्वाधिक कमाई करने वाले और सबसे रचनात्मक स्टॉलों को पुरस्कृत किया गया, जिससे बच्चों का उत्साह द्विगुणित हो गया। यह आयोजन सांदीपनि विद्यालय के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव रहा।विद्यालय के प्राचार्य ने सभी बच्चों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का मौका देते हैं। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।”

बाल मेले में अभिभावकों की उपस्थिति भी सराहनीय रही, जिन्होंने अपने बच्चों के बनाए स्टॉलों का अवलोकन किया और उनका उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव रहा, जिसने उन्हें मस्ती के साथ-साथ महत्वपूर्ण कौशल सीखने का अवसर प्रदान किया।