मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: 4 माह से मानदेय बंद, मनरेगा भुगतान अटका! सरपंचों ने कलेक्टर संतन जांगड़े को सौंपा ज्ञापन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़): जिले के ग्राम सरपंचों ने अपनी कई समय से लंबित समस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु बुधवार को कलेक्टर संतन जांगड़े से कलेक्ट्रेट कार्यालय में मुलाकात की।
यद्यपि, घंटों प्रतीक्षा करने के उपरांत भी कलेक्टर की ओर से मांगों पर कोई ठोस एवं स्पष्ट आश्वासन प्राप्त नहीं हुआ, जिससे उपस्थित सरपंचों में शासन-प्रशासन के रवैये को लेकर भारी नाराजगी और असंतोष देखने को मिला।
📋 कलेक्ट्रेट परिसर में जुटी सरपंच संघ की बैठक, 6 सूत्रीय मांग पत्र के साथ कलेक्टर से मिलने पर अड़े प्रतिनिधि
कलेक्ट्रेट परिसर में सर्वप्रथम सरपंच संघ की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और ग्राम विकास से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर 6 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया गया।
इसके तत्पश्चात बड़ी संख्या में सरपंच एकजुट होकर कलेक्टर से व्यक्तिगत मुलाकात करने पहुँचे। बताया गया कि प्रारंभिक चरण में कलेक्टर की ओर से ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौंपने का निर्देश दिया गया, परंतु सरपंच सीधे कलेक्टर से ही वार्ता करने की बात पर अड़े रहे।
🪧 मुलाकात में विलंब पर चैंबर के बाहर जमीन पर बैठे जिलाध्यक्ष, बाद में कलेक्टर ने प्राप्त किया ज्ञापन
मुलाकात में हो रहे अत्यधिक विलंब से क्षुब्ध होकर सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष लालसाय मरावी कलेक्टर चैंबर के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए।
लगभग दो घंटे के लंबे इंतजार और विरोध-प्रदर्शन के बाद कलेक्टर ने सभी प्रतिनिधियों को अपने कक्ष में बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना तथा औपचारिक ज्ञापन प्राप्त किया।
💬 “समस्याएं लंबित हैं पर कोई समाधान नहीं निकला”: लालसाय मरावी, जिलाध्यक्ष
“हमारी कई बुनियादी समस्याएं लंबे समय से अधर में लटकी हैं, परंतु आज भी कोई ठोस समाधान या स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। पहले तो कलेक्टर मैडम से भेंट हेतु इतना समय लगा और वार्ता के बाद भी उन्होंने इसे शासन स्तर का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया।”
💬 “ऐसे हम पंचायत नहीं चला पाएंगे”: सोनू सिंह, सरपंच चनवारीडाँड़
“हमारे गांवों के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो रहे हैं। यदि कलेक्टर ही इस प्रकार का रुख अपनाएंगे तो हम कहाँ जाएंगे? ऐसे में पंचायतों का संचालन असंभव है। सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
📜 मानदेय, मनरेगा व DMF भुगतान समेत ये हैं सरपंचों की 6 प्रमुख मांगें
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निर्माण कार्यों की स्वीकृति: ग्राम पंचायतों में लंबित विकास एवं निर्माण कार्यों को तत्काल स्वीकृतियां प्रदान की जाएं।
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मनरेगा भुगतान: मनरेगा योजना के अंतर्गत लंबित मजदूरी और सामग्री मद का भुगतान शीघ्र जारी किया जाए।
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DMF फंड का निराकरण: डीएमएफ (DMF) योजना के रुके हुए बकाये भुगतानों का अविलंब निस्तारण हो।
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मानदेय जारी करना: सरपंच एवं पंचों का पिछले चार माह से रुका हुआ मानदेय तत्काल खातों में ट्रांसफर किया जाए।
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मनोनीत सरपंचों की नियुक्ति: रिक्त पंचायतों में मनोनीत सरपंचों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए।
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नियमित संयुक्त बैठकें: वर्ष में न्यूनतम तीन बार कलेक्टर एवं सरपंचों की जिला स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की जाए।
🏛️ नियमानुसार होगी कार्रवाई, शासन स्तर के मामलों को भेजा जाएगा आगे: कलेक्टर संतन जांगड़े
कलेक्टर संतन जांगड़े ने सरपंचों के शिष्टमंडल की बातें सुनने के उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विषयों का निराकरण जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में संभव है, उन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निर्माण स्वीकृति और मानदेय भुगतान से संबंधित जो विषय राज्य शासन स्तर से जुड़े हैं, उन्हें उचित पत्राचार के माध्यम से शासन को प्रेषित किया जाएगा।
📢 मांगों पर कार्रवाई न होने पर पूरे जिले में बड़े आंदोलन की चेतावनी
सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष लालसाय मरावी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन के उपरांत जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी 6 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में जिले भर में आंदोलन को और अधिक तीव्र व उग्र किया जाएगा।
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