दुर्ग में ड्रिंक एंड ड्राइव पर ऐतिहासिक फैसला: नशे में बस दौड़ा रहे ड्राइवर को 3 दिन की जेल और 15 हजार का जुर्माना
दुर्ग (छत्तीसगढ़): दुर्ग जिले की यातायात पुलिस अक्सर जागरूकता अभियानों और ‘सड़क सुरक्षा पखवाड़े’ के माध्यम से वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करती रहती है।
इसके बावजूद कई गैर-जिम्मेदार चालक शराब के नशे में वाहन चलाने से बाज नहीं आते। ऐसे चालक यह भूल जाते हैं कि उनकी यह लापरवाही अपनी जान के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य निर्दोष लोगों के जीवन को भी खतरे में डालती है। अब दुर्ग पुलिस ने ऐसे शराबी ड्राइवरों पर लगाम लगाने के लिए सख्त रवैया अपना लिया है।
🚌 ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में पकड़ा गया गुरुनानक ट्रैवल्स का बस ड्राइवर
दुर्ग पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हाल ही में राजनांदगांव-दुर्ग-भिलाई रूट पर यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस दौड़ा रहे ‘गुरुनानक ट्रैवल्स’ के ड्राइवर जितेन्द्र देवांगन को पुलिस ने अत्यधिक नशे की हालत में पकड़ा।
जांच हेतु मौके पर तैनात उप निरीक्षक भीखम और उनकी टीम ने जब ब्रीथ एनालाइजर (Breath Analyzer) मशीन से ड्राइवर का एल्कोहल टेस्ट किया, तो उसके भारी नशे में होने की तुरंत पुष्टि हो गई।
⚖️ सीजीएम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला: 3 दिन की जेल और 15,000 रुपये का जुर्माना
यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस लापरवाह चालक को पुलिस ने अविलंब हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया।
दुर्ग स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM Court) ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए ऐतिहासिक निर्णय सुनाया। अदालत ने आरोपी ड्राइवर को दोषी ठहराते हुए 3 दिन के साधारण कारावास (जेल) और 15,000 रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। दुर्ग जिले के कानूनी इतिहास में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में किसी वाहन चालक को जेल भेजे जाने का यह पहला मामला है।
💬 “नशे में वाहन चलाना दूसरों की जान के लिए भी आफत”: मणिशंकर चंद्रा, एएसपी दुर्ग
“हमारी आम जनता और चालकों से अपील है कि कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में वाहन ड्राइव न करे। नशे में गाड़ी चलाना न केवल आपके लिए घातक है, बल्कि यह सड़क पर चलने वाले अन्य मासूमों के जीवन के लिए भी गंभीर संकट पैदा करता है।”
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.